नगर परिषद नाला निर्माण- एक नहीं एक सौ मुकदमा होने पर भी सही कहने से नहीं चूकेंगे – विधायक
नगर परिषद नाला निर्माण- एक नहीं एक सौ मुकदमा होने पर भी सही कहने से नहीं चूकेंगे - विधायक
मधेपुरा.
पूर्णिया गोला चौक पर नाला का वह हिस्सा जहां पीसीसी ढलाई के लगभग दो दिन पश्चात जूता के दबाव से दरक गया था, तत्काल तोड़ दिया गया है. इससे लोगों को यह स्पष्ट हो गया है की किस कदर घटिया निर्माण कार्य जारी था. जनहित के लिए लड़ने वाले अंजाम से नहीं डरते हैं. एक नहीं एक सौ मुकदमा भी हो जाये तब भी सच को सच कहना जारी रहेगा, जहां-जहां भी गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं हुआ है. उन सभी स्थान को तोड़कर दुरुस्त करने तक यह मुहिम नहीं रूकेगी. पूर्व शिक्षा मंत्री सह सदर विधायक प्रो चंद्रशेखर ने शनिवार को प्रेसवार्ता में उक्त बातें कही.विधायक ने कहा कि शुक्रवार की रात्रि साढे नौ बजे निर्माण स्थल पर जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने दोहराया सत्ता के संरक्षण प्राप्त सफेद पोश नेता, निर्माण एजेंसी व बुडको के इंजीनियर के गठजोड़ से मधेपुरा को नर्क बनाने की साजिश कामयाब नहीं होने देंगे. नाल का यह हिस्सा टूटना साबित करता है कि यह लोग अब डर रहे हैं क्योंकि जांच ऊपरी स्तर से हुई है. इस लड़ाई को बीच में नहीं छोड़ा जायेगा एवं विधानसभा में भी इस संबंध में सवाल उठाया जायेगा.
सड़क नहीं यह नाला है, इसका पैच वर्क नहीं होता है
उन्होंने शहरवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि यह सड़क नहीं बल्कि नाला है. सड़क अगर कहीं थोड़ा खराब हो जायेगा, तो उसका पैच वर्क संभव है, लेकिन नाला अगर एक फीट भी दरक गया, तो ड्रेनेज सिस्टम फेल कर जायेगा, जबकि इस योजना के दूसरे फेज में 125 करोड़ का ट्रीटमेंट प्लांट लगना है. पंपिंग स्टेशन बनना है. पूरे नगर क्षेत्र को जलजमाव से मुक्ति मिलना है. ड्रेनेज सिस्टम के लिए 72 करोड़ के राशि की स्वीकृति मिली है.
सीमांकन कराकर ढलान मेंटेन रखते हुए डीपीआर के अनुसार हो नाला निर्माण
जब मधेपुरा में नाला निर्माण शुरू हुआ, तो न तो सीमांकन कराया गया, न ही ढलान मेंटेन हुआ व पहले लेयर के रूप में सेंड फीलिंग भी नहीं की गयी. इसके अलावा दूसरे लेयर में फ्लैट सोलिंग एक नंबर ईंट से करना था. उसके बाद पीसीसी ढलाई करके छड़ देकर आरसीसी ढलाई करना था. निर्माण कर रही एजेंसी कंपनी ने इन तमाम चीजों में धांधली की पराकाष्ठा कर रखी है. सबसे खास बात यह है कि नाला का निर्माण तयशुदा डीपीआर के ड्राइंग के आधार पर होना था, लेकिन जगह-जगह अपने सुविधा से इस तरह टेढ़ा-मेढ़ा कर दिया गया है कि यह जल निकासी करने की जगह मच्छर पालन के लिए गड्ढा बन के रह जायेगा.
एक जागरूक जनप्रतिनिधि होने के कारण मैं जानता हूं कि एक बार गलत नाला निर्माण हो जाने के बाद बरसों तक उस समस्या को फिर से झेलते रहना हमारी मजबूरी होगी. यही कारण है कि मैं लगातार निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तरीके से करने के लिए और गलत बने हुये नाला को ध्वस्त करके नाला सही करने की मांग कर रहा हूं. अगर ऐसा नहीं होता है तो सुंदर मधेपुरा बनाने के सपने को बलि चढ़ जायेगी.समाहरणालय के आसपास बन रहा नाला की गुणवत्ता में हुआ सुधार, लगातार आवाज उठाने का हुआ है असर
विधायक ने कहा लगातार आवाज उठाने का असर हुआ है. समाहरणालय के आसपास जो नाला बन रहा है. उसकी गुणवत्ता थोड़ी बेहतर है. अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझ कर अपने सामने बन रहे निर्माण कार्य पर नजर रखें . यह जान ले नाला बनाने वाले चले जायेंगे, लेकिन उसे यहां के नागरिकों को झेलना पड़ेगा. प्रेस वार्ता में नगर परिषद के उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि सह पूर्व मुख्य पार्षद रामकृष्ण यादव आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
