ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के टेमाभेला पड़ोकिया गांव में लोक देवता दिनाभद्री की स्मृति में आयोजित तीन दिवसीय भव्य मेले का मंगलवार को समापन हो गया. विसर्जन और अंतिम पूजा के साथ संपन्न हुए इस आयोजन में अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा. – धार्मिक अनुष्ठान और जीवंत झांकियां रहीं आकर्षण – मेले के अंतिम दिन सुबह से ही भगवान दिनाभद्री और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं. विशेष पूजा-अर्चना के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया. मेले का मुख्य आकर्षण पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई जीवंत झांकियां थीं. विशेष रूप से भगवान कृष्ण और अन्य पौराणिक पात्रों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. – सांस्कृतिक मेलजोल का बना प्रतीक- यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और आपसी भाईचारे का भी परिचायक बना. मेले में बच्चों के लिए लगाए गए झूलों, खिलौनों और घरेलू सामानों की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई. मेला कमेटी के सदस्यों ने सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया. आयोजकों ने कहा कि दिनाभद्री मेला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है. तीन दिनों तक चले इस उत्सव में हजारों लोगों ने शिरकत की और मंगलवार को विधिवत विसर्जन के साथ इसका समापन हुआ.
श्रद्धा और उत्साह के साथ तीन दिवसीय दिनाभद्री मेले का समापन
पूजा-अर्चना के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया.
