जिले के 200 से ज्यादा स्कूलों में पढ़ाई बदहाल- सविता नंदन मधेपुरा. — इंट्रो — शिक्षा विभाग के आंकड़ों और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार जिले भर में 200 से अधिक ऐसे सरकारी विद्यालय हैं, जिन्हें अब तक अपना स्थायी भवन नसीब नहीं हो पाया है. कई विद्यालय वर्षों से दूसरे स्कूलों के परिसर, सामुदायिक भवन या अस्थायी व्यवस्था में संचालित हो रहे हैं. इसके अलावा जिले के अनेक विद्यालयों में पर्याप्त कक्षाओं का अभाव, चारदीवारी, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे हालात में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल नहीं मिल पा रहा है, जिससे सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. – जिले के दो विद्यालयों की स्थिति ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल- सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा एवं मजबूत आधारभूत संरचना के दावे भले किये जा रहे हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कई विद्यालय आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं. जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र के भान टेकठी स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय नयानगर भान एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय टेकठी की स्थिति शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. एक विद्यालय वर्षों से अपने भवन के लिए तरस रहा है, तो दूसरे में महज चार कमरों में पहली से आठवीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है. जानकारी के अनुसार नवसृजित प्राथमिक विद्यालय नयानगर भान को अब तक अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है. विद्यालय के लिए करीब 30 डिसमिल जमीन उपलब्ध है और इस जमीन पर भवन निर्माण के लिए विभाग की ओर से एनओसी भी दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है. भवन नहीं होने के कारण यह विद्यालय अपने पोषक क्षेत्र से करीब तीन किमी दूर आदर्श मध्य विद्यालय परिसर में शिफ्ट कर संचालित किया जा रहा है. एक ही परिसर में दो विद्यालय चलने से शिक्षकों एवं छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. – उत्क्रमित मध्य विद्यालय टेकठी की स्थिति चिंताजनक – उत्क्रमित मध्य विद्यालय टेकठी की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. यहां महज चार कमरों में पहली से आठवीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है. कमरों की कमी के कारण एक ही कमरे में दो अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है. एक कमरे में दो शिक्षक अपनी-अपनी कक्षा के छात्रों को पढ़ाने को मजबूर हैं. विद्यालय में कमरों की भारी कमी के कारण शिक्षकों और छात्रों दोनों को रोजाना कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि एक ही कमरे में दो अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ती है. एक कमरे में दो शिक्षक अपनी-अपनी कक्षा के बच्चों को पढ़ाते हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल बाधित हो जाता है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय टेकती में करीब 450 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. विद्यालय में कुल 12 शिक्षक पदस्थापित हैं. इतने बड़े विद्यालय में केवल चार कमरों में सभी कक्षाओं का संचालन करना शिक्षकों के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय में जल्द से जल्द अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की मांग की है. उनका कहना है कि यदि पर्याप्त कमरे उपलब्ध होंगे तो बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरेगी. – वर्जन – नवसृजित प्राथमिक विद्यालय नया नगर भान को अपना भवन नहीं होने के कारण कई वर्षों से आदर्श मध्य विद्यालय भान में शिफ्ट कर चलाया जा रहा है. भवन निर्माण के लिए एनओसी भी विभाग द्वारा दे दिया गया है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है. विद्यालय मूल पोषक क्षेत्र से लगभग तीन किमी पर विद्यालय चलता है. इसके कारण बच्चे का समुचित उपस्थित नहीं हो पाती है. – सुनील कुमार, प्रधान टीचर, एनपीएस नयानगर, भान, घैलाढ़ – वर्जन – जिस भी विद्यालय में भवन, चारदीवारी सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमियां है उसके लिए विभाग की ओर से ई-शिक्षाकोष पर इंट्री करने का ऑप्शन दिया गया है. विद्यालय के एचएम उसपर इंट्री कर सकते हैं. बीएसआइडीसी से वहां निर्माण करवाया जायेगा. इसके अलावा जो भी आवेदन आते हैं उसे विभाग अग्रसारित किया जाता है. जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जायेगा. संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधेपुरा.
भवन के अभाव में भटक रहा स्कूल, चार कमरों में 450 बच्चों की पढ़ाई
चारदीवारी, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं.
