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जांच में बड़ी चूक पर अदालत में बिहार पुलिस की फजीहत, जिसे बताया शराब तस्कर का सरगना वो निकला...

शराबबंदी के दौरान मधेपुरा पुलिस के द्वारा पकड़े गये एक ट्रक का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. पुलिस ने ट्रक मालिक कह पहचान कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन रिमांड के लिए जब पुलिस अदालत गई तो कोर्ट ने पुलिस को जबरदस्त फटकार लगा दी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
प्रतीकात्मक तस्वीर.
प्रतीकात्मक तस्वीर.
सोशल मीडिया

शराबबंदी के दौरान मधेपुरा पुलिस के द्वारा पकड़े गये एक ट्रक का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. पुलिस ने ट्रक मालिक कह पहचान कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन रिमांड के लिए जब पुलिस अदालत गई तो कोर्ट में पुलिस की जबरदस्त फजीहत हो गयी.

अंग्रेजी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मधेपुरा पुलिस ने 5 जुलाई को भारत में बनी विदेशी शराब से लदे एक ट्रक को जब्त किया था. ट्रक पर NL 02N 9917 की नंबर प्लेट लगी थी. ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस ने ट्रक के नंबर को आधार बनाकर ट्रक मालिक की खोज की. दिल्ली में रोहतास नगर, डाबरी (द्वारिका) में रहने वाले करण को वाहन के मालिक के रूप में खोजा गया.

पुलिस ने पकड़े गये ट्रक के नंबर के आधार पर ऑनर की खोज तो कर ली लेकिन यहां पुलिस से एक बड़ी चूक हो गयी. पुलिस ने करण को एक नोटिस भेजा और मधेपुरा आकर केस के जांच अधिकारी के सामने हाजिर होने को कहा. बयान दर्ज कराने जब करण दिल्ली से मधेपुरा पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सोमवार को प्रभारी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशिकांत ठाकुर की अदालत में करण को पेश किया गया.

पुलिस ने अदालत से करण को न्यायिक हिरासत में लेने की अर्जी तो लगा दी लेकिन अदालत ने सबूतों के अभाव के कारण इस अर्जी को ठुकरा दिया. इस दौरान जब करण ने अपना पक्ष रखा तो पुलिस की भारी फजीहत हो गयी. दरअसल, करण ने पुलिस को बताया था कि उसके पास इसी नंबर का एक ट्रक है जरुर लेकिन वो ट्रक करण के दिल्ली स्थित घर में लगा हुआ है. उन्होंने पुलिस को कागजात भी दिखाए लेकिन पुलिस ने करण की एक नहीं सुनी.

अदालत को करण ने यह पुरा वाक्या बताया. दिलचस्प बात यह है कि पुलिस ने 12 अगस्त को एक प्रेस वार्ता की और शराब तस्करी में लिप्त एक बड़े सरगना को गिरफ्तार करने का दावा कर दिया. पुलिस ने कथित तौर पर करण का इकबालिया बयान तैयार किया और उसे उस मामले में रिमांड के लिए अदालत भेज दिया.

करण ने कोर्ट को सारी बात बताई और अपनी गाड़ी के कागजात और उसके चेसिस और इंजन नंबर दिखाए. करण के वकील पंकज कुमार ने कहा कि पुलिस ने अदालत को सौंपे गए अपने कागज में जब्त ट्रक के चेसिस और इंजन नंबर का उल्लेख नहीं किया था. करण के वकील ने कहा कि आजकल धड़ल्ले से नकली नंबर प्लेट लगाकर काले धंधे किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा, पुलिस जब्त वाहन के चेसिस और इंजन नंबर के बारे में अदालत के सवाल का जवाब देने में विफल रही.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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