बेटे के साथ कंचन ने की आत्महत्या की कोशिश

देर रात कंचन ने पहले बेटे को खिला दी अधिक मात्रा में नींद की गोली, फिर खुद खा ली मधेपुरा : आॅटिज्म (मानसिक विकलांग) से पीड़ित अपने तेरह साल के पुत्र के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने वाली कंचन की पीड़ा सब्र का बांध लांघ गया. उसने सोमवार देर रात बहुत अधिक मात्रा में […]

देर रात कंचन ने पहले बेटे को खिला दी अधिक मात्रा में नींद की गोली, फिर खुद खा ली

मधेपुरा : आॅटिज्म (मानसिक विकलांग) से पीड़ित अपने तेरह साल के पुत्र के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने वाली कंचन की पीड़ा सब्र का बांध लांघ गया. उसने सोमवार देर रात बहुत अधिक मात्रा में नींद की दवा अपने पुत्र को खिला कर खुद भी खा ली और जान देने की कोशिश की.
‍दोनों को गंभीर हालत में रात में ही सदर अस्पताल में भरती कराया गया. फिलहाल कंचन और उसके बेटे की हालत खतरे से बाहर बतायी जा
रही है.
बेटे के साथ…
वहीं दूसरी ओर इस घटना के सामने आने से लोग हतप्रभ हैं.
पति ने कर ली है दूसरी शादी : सोमवार की दोपहर ही शहर के पानी टंकी चौक निवासी कंचन कुमारी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर अपने बेटे के साथ इच्छा मृत्यु की मांग की थी. कंचन का बेटा शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग है. इसके कारण उसके पति ने उन दोनों को छोड़ कर दूसरी शादी कर ली. पिछले तेरह साल से कंचन किसी तरह मायके में रह कर अपना भरण-पोषण कर रही है. उसने कई जगह नौकरी के लिए आवेदन भी दिया था लेकिन नतीजा सिफर रहा है.
पहले भी कर चुकी है जान देने की कोशिश : ऐसा नहीं है कि कंचन ने पहली बार आत्महत्या की कोशिश की है. इससे पहले भी उसने जान देने की कोशिश की है. कंचन ने सोमवार को ही प्रभात खबर को बताया था कि वह अब अपने जीवन से पूरी तरह थक चुकी है. अगर केवल वह मर जाती है तो विकलांग बेटे का क्या होगा! वह अपनी मां के बिना नहीं रह सकता है. इसी कारण अपने बेटे के साथ इच्छा मृत्यु चाहती है. कंचन ने रूंधे गले से बताया था कि उसका बेटा आज भी खुद कुछ भी चबा कर नहीं खा सकता है. उसके आंखों में भी महज पांच या दस प्रतिशत ही रोशनी है. तेरह साल से वह अपने बच्चे को किसी तरह जिंदा रख पायी है.
हिमखंड की तरह है कंचन का दुख : कंचन कहती है कि उसका दुख हिमखंड की तरह है, जिसका केवल ऊपरी सिरा ही लोग देख सकते हैं. अस्पताल में भरती कंचन की आंखों के दोनों किनारे रात से ही भीगते रहे हैं. परिजनों ने बताया कि जब तक वह होश में रही, दवा खाती रही. उसके पास से दवा का चालीस खाली रैपर मिला. इलाज कर रहे डाॅक्टर अजय कुमार झा ने बताया कि हालांकि, कंचन और उसके बेटे की हालत स्थिर है. पेट की सफाई कर दी गयी है. लेकिन लंबे इलाज की जरूरत है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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