डूबने से होने वाली मौत के रोकथाम को लेकर तैराक होंगे तैनात

डूबने से होने वाली मौत के रोकथाम को लेकर तैराक होंगे तैनात

लखीसराय. जिले में डूबने से होने वाली मौत के रोकथाम को लेकर सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है. जिले के अंतर्गत नदियां तालाबों भर जलाशयों आदि के आसपास बसने वाले बच्चे बच्चियों को तैराकी जीवन रक्षक वीडियो की जानकारी दी जानी है. यह कार्यक्रम जिला आपदा प्रबंधन द्वारा संचालित किया जायेगा. जिले में तैराक मास्टर ट्रेनर के द्वारा नये-नये महिला एवं पुरुष को प्रशिक्षित किया जायेगा. तैराक पुरुष प्रशिक्षुओं के लिए बिना रुके सौ मीटर तक तैरना, जल की सतह के नीचे पांच मीटर तैरना, प्रशिक्षु कम से कम आठवीं या समकक्ष पास हो. प्रशिक्षुओं का स्वस्थ होना आवश्यक है. महिला तैराकी बिना रुके 50 मीटर तक तैरना एवं पानी के सात के नीचे पांच मीटर तक तैरना, महिला प्रशिक्षु पांचवी क्लास पास होनी चाहिए एवं उनकी उम्र 18 से 30 वर्ष की होनी चाहिए. जिस प्रखंड में डूबने से लोगों की मौत हो रही है वैसे प्रखंड को चिन्हित कर वहां के 10-10 तैराक का चयन की जाय एवं उसे प्रशिक्षण दिया जायेगा. बिहार राज्य आपदा प्राधिकार के सचिव मनीष कुमार के द्वारा सभी गाइडलाइन जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन को उपलब्ध करा दिया है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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