छात्रों ने सीखी पुरातत्व व विरासत संरक्षण की बारीकियां

छात्रों ने सीखी पुरातत्व व विरासत संरक्षण की बारीकियां

इम्पैक्टस्पार्क फाउंडेशन व केएसएस कॉलेज की अनूठी पहल, पुरातात्विक अवशेषों का व्यावहारिक अनुभव ले रहे छात्र

लखीसराय. जिला मुख्यालय के बालगुदर स्थित लखीसराय संग्रहालय में इम्पैक्टस्पार्क फाउंडेशन व केएसएस कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन किया जा रहा है. प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग (सेमेस्टर-V) के छात्रों के लिए 14 दिवसीय अनिवार्य इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है. इस शैक्षणिक शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान से इतर पुरातात्विक अवशेषों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है.

विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ दी गयी तकनीकी जानकारी

संग्रहालय के तकनीकी सहायक राजेश कुमार द्वारा इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में छात्रों को समझाया गया कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का कमरा नहीं, बल्कि एक टाइम मशीन है, जो हमें सैकड़ों-हजारों साल पीछे ले जाती है. उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित विभिन्न कालखंडों की दुर्लभ कलाकृतियों, विशेषकर पाल कालीन मूर्तिकला की बारीकियों से छात्रों को अवगत कराया. कुमार ने खंडित व पूर्ण मूर्तियों के शास्त्रीय लक्षणों, उनके निर्माण में प्रयुक्त पत्थर की प्रकृति व ऐतिहासिक महत्व पर विस्तृत चर्चा की.

संग्रहालय का महत्व व विरासत संरक्षण

छात्रों को संबोधित करते हुए तकनीकी सहायक राजेश कुमार ने कहा कि संग्रहालय केवल पुरावशेषों का संग्रह केंद्र नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यता का जीवंत दस्तावेज है. उन्होंने छात्रों को कलाकृतियों के प्रलेखन, दीर्घा प्रबंधन व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आधुनिक विधियों के बारे में प्रशिक्षित किया. इस दौरान छात्रों को विरासत बचाने के लिए अपनायी जाने वाली नयी तकनीकों की जानकारी भी दी गयी.

व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध हुए छात्र

14 दिनों के इस सघन प्रशिक्षण के अंतर्गत मंगलवार को छात्रों ने तीन घंटे से अधिक का समय संग्रहालय परिसर में व्यतीत किया. यहां उन्होंने मूर्तियों की पहचान, उनके अभिलेखों का अध्ययन व संग्रहालय विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को गहराई से समझा. इस अवसर पर इम्पैक्ट स्पार्क फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी छात्रों के शैक्षणिक विकास के लिए लखीसराय संग्रहालय के समृद्ध संग्रह की सराहना की. प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागी छात्रों ने अपने व्यावहारिक ज्ञान को साझा किया. इस अवसर को अपने करियर के लिए अत्यंत लाभकारी बताया. इस ज्ञानवर्धक सत्र के दौरान शिक्षक हरि कुमार गुप्ता, लखीसराय संग्रहालय के कर्मी अंकित कुमार, ऋषभ कुमार, जय प्रकाश सहित विभाग के कई छात्र व गणमान्य लोग उपस्थित रहे. इस कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले में पुरातत्व के प्रति एक नयी चेतना जागृत हुई है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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