एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
By Rajeev Murarai Sinha Sinha | Updated at :
जिले में गठित हुआ ”धावा दल”, 48 ठिकानों पर छापेमारी व 25 दिनों के अंतराल पर ही होगी नयी बुकिंग
लखीसराय. मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण एलपीजी आपूर्ति बाधित होने की अफवाहों के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के निर्देश पर जिले में रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने व कालाबाजारी रोकने के लिए नकेल कस दी गयी है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी राहुल कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, अतः उपभोक्ता किसी भी तरह की भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें.
जमाखोरी रोकने के लिए ”धावा दल” का गठन
गैस सिलिंडरों की अवैध बिक्री व जमाखोरी को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. सभी प्रखंडों में बीडीओ, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी व थानाध्यक्ष की तीन सदस्यीय टीम (धावा दल) बनायी गयी है. यह टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब तक जिले में 48 जगहों पर सघन निरीक्षण किया जा चुका है ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे.
25 दिन के अंतराल पर ही होगी दोबारा बुकिंग
भारत सरकार द्वारा लागू नयी व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति में पारदर्शिता लाने के लिए एक विशेष नियम का पालन करना होगा. किसी भी घरेलू उपभोक्ता को अंतिम डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नये सिलिंडर की बुकिंग की अनुमति दी जायेगी. बुकिंग होने के दो से तीन दिनों के भीतर घर तक सिलिंडर पहुंचाना सुनिश्चित किया जायेगा. इस नयी प्रणाली से अनावश्यक भंडारण पर रोक लगेगी.
कंट्रोल रूम स्थापित, 16 एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक
आम जनता की शिकायतों को सुनने व कालाबाजारी की सूचना देने के लिए समाहरणालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसका नंबर 06346-232952 सार्वजनिक किया गया है, जिस पर लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले की 16 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 5105 गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं. प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि रसोई गैस का पर्याप्त भंडार है, इसलिए उपभोक्ता गैस एजेंसियों पर बेवजह भीड़ न लगाएं और अपनी जरूरत के हिसाब से ही सिलिंडर लें. जनता को राहत देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यह नयी पहल की गयी है.