गांधी मैदान में गूंजी दिव्यांगों की मुस्कान, 30 को मिले कृत्रिम अंग

गांधी मैदान में गूंजी दिव्यांगों की मुस्कान, 30 को मिले कृत्रिम अंग

बदलाव : डीएम ने वितरित किये कृत्रिम हाथ-पैर, कहा- आत्मनिर्भर बनाना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य

लखीसराय.

जिला प्रशासन एवं भारत विकास व संजय आनंद दिव्यांग अस्पताल सह रिसर्च सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को एक नयी इबारत लिखी गयी. गांधी मैदान स्थित खेल भवन में आयोजित विशेष शिविर में हाथ-पैर से लाचार दिव्यांगजनों के बीच निःशुल्क कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया. इस संवेदनशील पहल ने न केवल दिव्यांगों को गतिशीलता दी, बल्कि उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास भी लौटाया.

91 में से 55 का हुआ था चयन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने कहा कि प्रशासन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए संकल्पित है. उन्होंने बताया कि बीते दो जनवरी को आयोजित विशेष नापी शिविर में कुल 91 दिव्यांगों का पंजीकरण हुआ था. चिकित्सीय जांच के बाद 55 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग के लिए पात्र पाया गया. इसी कड़ी के पहले चरण में गुरुवार को 30 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग सौंपे गये. शेष बचे लाभार्थियों को भी जल्द ही अंग उपलब्ध करा दिये जायेंगे.

सम्मान के साथ जीने का मिलेगा अवसर

डीएम ने कहा कि इस वितरण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना व उनके अंगों की कार्यक्षमता को बहाल करना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें. उन्होंने पद्मश्री विमल जैन और उनकी टीम के सहयोग की सराहना की. कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की सहायक निदेशक बंदना पांडेय ने किया.

इस मानवीय कार्य के दौरान संस्थान के पद्मश्री विमल जैन, वरिष्ठ सर्जन डॉ एसएस झा, मैनेजिंग ट्रस्टी विवेक माथुर, अमर कसेरा, संजय ड्रोलिया, रोहित कुमार, निधि माथुर, रेखा कसेरा व नीतू ड्रोलिया उपस्थित रहे. वहीं, प्रशासन की ओर से जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, कन्हैया कुमार, सौरव कुमार, किस्मत कुमारी सहित दर्जनों दिव्यांगजन मौजूद थे. अंग पाकर दिव्यांगों की आंखों में खुशी के आंसू व आगे बढ़ने का जज्बा साफ नजर आया.

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