Lakhisarai Sahyog Camp: कजरा (लखीसराय). मदनपुर पंचायत में बुधवार को आयोजित सहयोग शिविर में लोगों की उपस्थिति काफी कम रही. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शिविर की पर्याप्त जानकारी गांव-गांव तक नहीं पहुंचाई गई, जिसके कारण अधिकांश लोग इसके बारे में अनजान रहे. शिविर का उद्घाटन पंचायत के मुखिया उमेश प्रसाद उर्फ पप्पू मंडल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
ग्रामीणों तक नहीं पहुंची शिविर की जानकारी
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें यह जानकारी ही नहीं मिल सकी कि शिविर में किन-किन विभागों के काउंटर लगाए गए हैं और किस प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सूचना के अभाव में अधिकांश लोग शिविर तक नहीं पहुंचे. ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में ऐसे शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार समय रहते कराया जाए.
विभागीय जानकारी के अभाव में लौटे लोग
शिविर में पहुंचे कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई काउंटरों पर मौजूद कर्मी भी स्पष्ट रूप से यह नहीं बता पा रहे थे कि किस विभाग से संबंधित कौन-सी सेवा उपलब्ध है. इससे कई ग्रामीण अपनी समस्या का समाधान कराए बिना ही वापस लौट गए.
विद्यालय परिसर में आयोजन से पढ़ाई प्रभावित
सहयोग शिविर का आयोजन कजरा मध्य विद्यालय परिसर में किया गया था. उसी समय विद्यालय में नियमित कक्षाएं भी संचालित हो रही थीं. शिविर में लगे लाउडस्पीकर और माइक के शोर के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई. अभिभावकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए विद्यालय के बजाय अलग स्थान चयनित करने की मांग की.
धान रोपनी के मौसम का भी पड़ा असर
ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों धान रोपनी का कार्य चरम पर है. अधिकांश किसान और मजदूर सुबह से शाम तक खेतों में व्यस्त रहे, जिससे शिविर में भीड़ नहीं जुट सकी. लोगों ने सुझाव दिया कि कृषि कार्य के व्यस्त मौसम से अलग समय में ऐसे शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.
उपयोगिता पर उठे सवाल
Lakhisarai Sahyog Camp: स्थानीय लोगों का दावा है कि पूरे दिन चले शिविर में केवल 100 से 150 लोग ही पहुंचे. इसे देखते हुए ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों पर होने वाले सरकारी खर्च की उपयोगिता पर सवाल उठाए और कहा कि बेहतर योजना और व्यापक प्रचार के साथ ही ऐसे शिविर अपने उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं.
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