पशुपालकों के पलायन से क्षेत्र में दूध की होती है किल्लत

कजरा : पहाड़ी इलाके होने के कारण क्षेत्र में भूगर्भ जल स्त्रोत की कमी रहती है. गरमी में जल स्तर काफी नीचे चला जाता है. इससे कमोवेश पूरे कजरा क्षेत्र में विशेष कर पहाड़ से सटे श्रीकिशुन पंचायत के गांव रामतली गंज, शिवडीह, पुनाडीह व उरैन पंचायत के साथ ही बुधौली बनकर पंचायतों के दर्जनों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 8, 2016 2:43 AM

कजरा : पहाड़ी इलाके होने के कारण क्षेत्र में भूगर्भ जल स्त्रोत की कमी रहती है. गरमी में जल स्तर काफी नीचे चला जाता है. इससे कमोवेश पूरे कजरा क्षेत्र में विशेष कर पहाड़ से सटे श्रीकिशुन पंचायत के गांव रामतली गंज, शिवडीह, पुनाडीह व उरैन पंचायत के साथ ही बुधौली बनकर पंचायतों के दर्जनों गांव में पानी की कमी के कारण मवेशी पालक अपने दुधारू पशु को लेकर गंगा के पार चले जाते हैं, जहां उन्हें पशुओं के लिए चारा व पानी आसानी से मिलता है.

इसके कारण आसपास के बाजार-हाट में दूध की किल्लत हो जाती है. शादी ब्याह का मौसम होने के कारण उपभोक्ताओं को मिठाई, दही व अन्य प्रकार के दूध से बने व्यंजनों के लिए भटकना पड़ता है. ग्रामीण त्रिलोकी यादव, गणेश यादव, वकील यादव, सुरेश यादव ने बताया कि उक्त समस्या के समाधान के लिए सरकार से क्षेत्रों में समुचित पेयजल की व्यवस्था करने को मांग की जाती रही है, पर विभागीय उदासीनता अथवा जन प्रतिनिधियों की शिथिलता के कारण अभी तक इसकी सही व्यवस्था नहीं की गयी है. इसके कारण आज तक समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है.