पीएचइडी विभाग. लखीसराय डिवीजन में मिस्त्री का एक भी पद सृजित नहीं

बगैर मिस्त्री कैसे ठीक हो चापाकल लखीसराय में 2922 चापाकल स्थायी रूप से खराब हैं. इनकी मरम्मत नहीं होने से पेयजल संकट गहराने लगा है. लखीसराय डिवीजन में मिस्त्री का एक भी पद सृजित नहीं है. शेखपुरा डिवीजन के डेढ़ दर्जन चापाकल खलासी जिले में चापाकल मरम्मत का कार्य करते हैं. लखीसराय : जिले भर […]

बगैर मिस्त्री कैसे ठीक हो चापाकल

लखीसराय में 2922 चापाकल स्थायी रूप से खराब हैं. इनकी मरम्मत नहीं होने से पेयजल संकट गहराने लगा है. लखीसराय डिवीजन में मिस्त्री का एक भी पद सृजित नहीं है. शेखपुरा डिवीजन के डेढ़ दर्जन चापाकल खलासी जिले में चापाकल मरम्मत का कार्य करते हैं.
लखीसराय : जिले भर में 2922 चापाकल स्थायी रूप से खराब हैं. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति नहीं होने से गरमी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है. पीएचइडी विभाग द्वारा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुल 11372 चापाकल में से मात्र 8450 चापाकल ही चालू अवस्था में हैं. विभाग के पास मिस्त्री नहीं है. इसकी वजह से खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति नहीं हो पा रही है.
नहीं हैं मिस्त्री, चापाकल की खलासी करते हैं मरम्मत
काम करते हैं लखीसराय डिवीजन में वेतन भुगतान होता है शेखपुरा डिवीजन से
शेखपुरा से अलग होने के बाद वर्ष 2010 में लखीसराय डिवीजन अस्तित्व में आया. इसके बाद से आज तक इस डिवीजन में चापाकल मिस्त्री का एक भी पद सृजित नहीं किया गया. शेखपुरा डिवीजन के डेढ़ दर्जन चापाकल खलासी लखीसराय डिवीजन में चापाकल मरम्मत का काम करते हैं. इन कर्मियों को काम लखीसराय डिवीजन में करना पड़ता है जबकि इनका वेतन भुगतान शेखपुरा डिवीजन द्वारा ही किया जाता है.
18 चापाकल खलासी साढ़े दस लाख की आबादी वाले लखीसराय जिले में व्यवस्था को पटरी पर लाने में अक्षम नजर आते हैं. नये चापाकल गाड़ने का कार्य भी लक्ष्य के मुताबिक नहीं हो पा रहा है. सहायक अभियंता पीएचइडी पवन कुमार के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2015-16 में विभिन्न मद के कुल 889 नया चापाकल गाड़ा गया. पुरानी योजनाओं का 335 चापाकल नहीं गाड़ा जा सका. इधर पहाड़ी इलाके में भूमिगत जलस्तर में तेजी से गिरावट होने की वजह से चापाकल ने पानी देना कम कर दिया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक इन इलाकों में गरमी बढ़ने के साथ परेशानी भी बढ़ेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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