परेशानी. शहर के आधे से अधिक लोगों को नहीं मिल रहा सप्लाइ वाटर
चापाकल व बोरिंग पर हैं निर्भर... शहर के 17 हजार हाउस होल्ड में से दो हजार हाउस होल्ड को ही नप के जलापूर्ति योजना का लाभ मिल रहा है. पीएचइडी कार्यालय, कुंडा पोखर व काली पहाड़ी-लाली पहाड़ी में जलमीनार निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. पुराना अस्पताल से पुरानी बाजार में पीएचइडी विभाग जलापूर्ति करता […]
चापाकल व बोरिंग पर हैं निर्भर
शहर के 17 हजार हाउस होल्ड में से दो हजार हाउस होल्ड को ही नप के जलापूर्ति योजना का लाभ मिल रहा है. पीएचइडी कार्यालय, कुंडा पोखर व काली पहाड़ी-लाली पहाड़ी में जलमीनार निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. पुराना अस्पताल से पुरानी बाजार में पीएचइडी विभाग जलापूर्ति करता है.
लखीसराय : गरमी के दिनों में शहर के लोगों को पेयजल संकट से निजात मिलती नहीं दिखती. एक लाख से अधिक आबादी वाले लखीसराय शहर में मात्र 17 हजार लोगों को नगर परिषद 150 सबमरसिबल बोरिंग के माध्यम से पाइप द्वारा सीधी जलापूर्ति कर रहा है. शेष चापाकल व निजी बोरिंग पर निर्भर हैं. नगर परिषद द्वारा 33 वार्ड में दो-दो नये सबमरसिबल लगा कर कुछ नये हाउस होल्ड को सीधी जलापूर्ति योजना का लाभ देने का कार्य प्रगति पर है.
नप के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार रजक के मुताबिक इस कार्य को अप्रैल 2016 तक पूरा कर लिया जायेगा. इससे लगभग आठ सौ अतिरिक्त हाउस होल्ड को सीधे जलापूर्ति योजना का लाभ मिल पायेगा. शहर के पुरानी बाजार लखीसराय में 408.49295 लाख की लागत से लगाये जा रहे पाईप पेयजल आपूर्ति योजना का कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है. पीएचइडी कार्यालय के आगे बन रहा जलमीनार का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है.
वहीं नया बाजार काली पहाड़ी-लाली पहाड़ी में 350.36824 लाख की प्राक्कलित राशि से पाइप जलापूर्ति योजना का कार्य भी अवरुद्ध है. वार्ड संख्या 06 कुंडा पोखर में जलमीनार अभी निर्माणाधीन है. नगर परिषद क्षेत्र में कुल हाउस होल्ड की संख्या लगभग 17 हजार है और नप क्षेत्र में इतने होल्डिंग धारकों में से मात्र दो हजार को ही सीधी जलापूर्ति योजना के तहत पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. निगम के 33 वार्ड की जनसंख्या एक लाख से अधिक है. शहर की आबादी को जलमीनार के द्वारा पानी सप्लाई का काम ठप्प है. गांधी मैदान में बने पीएचइडी विभाग के जलमीनार से बाजार समिति तक जलापूर्ति की जा रही है. पुराना हॉस्पीटल से पुरानी बाजार के इलाके में सीधी जलापूर्ति की जाती है.
नहीं चालू हुआ जलमीनार
शहर में गरमी शुरू होते ही पेयजल की किल्लत शुरू हो गयी है. शहर के पीएचइडी कार्यालय व वार्ड संख्या 06 कुंडा पोखर के समीप जलमीनार का काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है, लेकिन इस गरमी में लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा. फिलहाल उक्त जलापूर्ति योजना के चालू होने की संभावना नहीं है. नया बाजार क्षेत्र में काली-पहाड़ी, लाली-पहाड़ी में जलमीनार बनाने का काम विवाद के कारण स्थगित है.
हर वार्ड में लग रहे दो नये सबमरसिबल
नप कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार रजक ने बताया कि फिलहाल नप क्षेत्र में लगभग 150 सबमरसिबल बोरिंग से सीधे जलापूर्ति की जा रही है. लगभग दो हजार हाउस होल्ड इससे लाभान्वित हो रहे हैं. प्रत्येक वार्ड में दो-दो नया सबमरसिबल लगाया जा रहा है, जिससे अप्रैल माह तक जलापूर्ति शुरू हो जाने की संभावना है. एक सबमरसिबल बोरिंग से 10 से 15 घरों में पाईप द्वारा सीधी जलापूर्ति की जाती है. शेष जगहों पर लोग चापाकल व निजी मोटर से अपनी आवश्यकता की पूर्ति करते हैं.
