प्रशिक्षण के समापन पर शिक्षिका को मिला सम्मान

कहा- एनसीईआरटी के प्रशिक्षण में सीखे गये आधुनिक शैक्षणिक तरीकों को अब मदरसा दारुल हुदा में लागू किया जाएगा

दिघलबैंक. जिला के मदरसा दारुल हुदा में कार्यरत और राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका शगुफ्ता कुलसुम ने एक बार फिर जिले का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान एनसीईआरटी में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया है. यह विशेष प्रशिक्षण अल्पसंख्यक समूहों द्वारा संचालित स्कूलों और मदरसों में समावेशी शिक्षा विषय पर केंद्रित था. शनिवार को शगुफ्ता कुलसुम ने बताया कि एनसीईआरटी के प्रशिक्षण में सीखे गये आधुनिक शैक्षणिक तरीकों को अब मदरसा दारुल हुदा में लागू किया जाएगा. इससे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उन्हें बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना अधिक सरल होगा.

उपलब्धियों से भरा सफर

विदित हो कि शगुफ्ता कुलसुम को पिछले वर्ष दिसंबर माह में पटना में बेस्ट बिहार स्टेट मदरसा टीचर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. राज्य स्तरीय सम्मान के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के इस प्रशिक्षण ने उनकी शैक्षणिक क्षमता को और मजबूत किया है.

समापन समारोह में मिला सम्मान

प्रशिक्षण के समापन पर संस्थान की प्रिंसिपल प्रो रीतांजलि दास, डॉ वेद प्रकाश वर्मा और कार्यक्रम समन्वयक मोहम्मद गुलाम रहबर ने उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनकी इस उपलब्धि पर मदरसा दारुल हुदा के प्रबंधन, शिक्षकों और स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है.

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Published by: Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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