दिघलबैंक में ”ग्रामीण समन्वय बैठक” का आयोजन, सहायक कमांडेंट प्रिय रंजन चकमा ने की अध्यक्षता
दिघलबैंक. सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने व नागरिक-बल संबंधों को प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से मंगलवार को 12वीं वाहिनी एसएसबी के बी समवाय, दिघलबैंक द्वारा एक महत्वपूर्ण ”ग्रामीण समन्वय बैठक” का आयोजन किया गया. इस विशेष बैठक की अध्यक्षता सहायक कमांडेंट प्रिय रंजन चकमा ने की. कार्यक्रम में दिघलबैंक, मंगुरा और धनतोला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के बीच एक बेहतर संवाद तंत्र स्थापित करना रहा. सहायक कमांडेंट प्रिय रंजन चकमा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व विकास सुनिश्चित करने के लिए आम नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दी जाए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके. इस दौरान विश्वसनीय ग्रामीण संपर्क व्यक्तियों की एक नयी सूची तैयार करने पर भी सहमति बनी, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान और अधिक तीव्र हो सके. सामाजिक कुरीतियों और जागरूकता पर विशेष जोरबैठक के दौरान केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों पर भी विस्तृत चर्चा की गयी. इसमें नशा मुक्ति अभियान, मानव तस्करी पर रोक, ”बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना का प्रचार-प्रसार और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया. ग्रामीणों को साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों से आगाह करते हुए बचाव के तरीके बताए गए. साथ ही, नेपाल सीमा से आवाजाही के लिए आवश्यक दस्तावेजों और रात्रि गश्त के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में नयी जानकारी साझा की गयी.जनसहभागिता की दिखी अनूठी मिसाल
उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के इस प्रयास की सराहना की और विश्वास जताया कि ऐसी बैठकों से आपसी भरोसा मजबूत होता है. ग्रामीणों ने न केवल सक्रिय भागीदारी निभायी, बल्कि सीमा सुरक्षा में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प भी लिया. बैठक के अंत में भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसी समन्वय बैठकों के आयोजन पर सहमति व्यक्त की गयी. इस पहल से दिघलबैंक सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द की एक नयी किरण दिखाई दे रही है.