किशनगंज : प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. पिछले कुछ दिनों से प्याज के दाम में लगातार तेजी देखी जा रही है. खुदरा बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है. अचानक बढ़े भाव से गृहिणियों के साथ छोटे होटल और ढाबा संचालक भी परेशान हैं.
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार मंडियों में प्याज की आवक प्रभावित होने और परिवहन लागत बढ़ने का असर खुदरा कीमतों पर पड़ा है. बाजार में गुणवत्ता के अनुसार प्याज के अलग-अलग भाव हैं. ग्राहकों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक कम कीमत में मिलने वाला प्याज अब खरीदना मुश्किल लग रहा है.
प्याज की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू रसोई पर पड़ रहा है. सब्जी, दाल, चटनी और अन्य व्यंजनों में प्याज का इस्तेमाल कम करने को लोग मजबूर हैं. पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए प्याज की बढ़ती कीमत अतिरिक्त बोझ बन गयी है.
आवक सामान्य हुई तो नरमी की उम्मीद
व्यापारियों का कहना है कि यदि मंडियों में प्याज की आवक सामान्य होती है तो आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है. वहीं, उपभोक्ताओं ने बाजार की निगरानी बढ़ाने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने की मांग की है.
प्याज की कीमत में आयी तेजी ने एक बार फिर रसोई के बजट पर महंगाई के असर को सामने ला दिया है. फिलहाल प्याज काटने पर निकलने वाले आंसू से ज्यादा चिंता लोगों को इसकी कीमत देखकर हो रही है.
