किशनगंज. सांसद डॉ मोहम्मद जावेद आजाद ने राष्ट्रीय गंगा परिषद (पुनर्जीवन, संरक्षण और प्रबंधन) के अध्यक्ष को पत्र लिखा है. इसमें रमजान नदी में संचालित सौंदर्यीकरण कार्य को 1902 के सर्वे अभिलेख के आधार पर सरकारी अमीन से मापी कराये जाने एवं नदी में जमी गाद को हटाने के संबंध में अनुरोध किया गया है. सांसद डॉ जावेद आजाद ने पत्र में कहा है कि किशनगंज नगर परिषद क्षेत्रांतर्गत रमजान नदी में सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है. इस क्रम में स्वयं किशनगंज सदर विधायक के साथ देवघाट खगड़ा एवं रमजान नदी के विभिन्न स्थलों का स्थलों का निरीक्षण था. निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि रमजान नदी में जमी गाद को हटाये बिना ही खगड़ा स्थित देवघाट पर घाट निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, जबकि स्वीकृत योजना के अंतर्गत रमजान नदी से गाद हटाते हुए सौंदर्यीकरण कार्य किया जाना प्रस्तावित है. पत्र में कहा गया है कि इसके अतिरिक्त यह भी पाया गया कि संवेदक द्वारा बिना सरकारी अमीन से विधिवत मापी कराये ही निर्माण कार्य कराया जा रहा है. बिना मापी के कार्य किए जाने की स्थिति में रमजान नदी अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाएगी. इससे भविष्य में नदी के नाले में तब्दील होने की आशंका बनी रहेगी. साथ ही, नदी की वास्तविक चौड़ाई भी अत्यंत कम हो जाएगी, जो पर्यावरणीय एवं जल-निकासी की दृष्टि से गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकती है. उन्होंने रमजान नदी के दोनों किनारों की मापी 1902 के सर्वे अभिलेख के अनुसार सरकारी अमीन के माध्यम से कराने तथा अतिक्रमण मुक्त करते हुए नदी से गाद हटाकर सौंदर्यीकरण एवं संबंधित कार्य नियमानुसार कराये जाने का अनुरोध किया है.
सांसद ने राष्ट्रीय गंगा परिषद के अध्यक्ष को लिखा पत्र, 1902 के सर्वे के आधार पर नदी क्षेत्र की मापी का अनुरोध
बिना मापी के कार्य किए जाने की स्थिति में रमजान नदी अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाएगी
