अवैध बालू का हो रहा खनन व परिवहन

जिले के पोठिया प्रखंड अंर्तगत डूबानोची पंचायत के गोला पानबाड़ा गांव से सटे महानंदा नदी से इन दिनों बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन व परिवहन किया जा रहा है

किशनगंज. जिले के पोठिया प्रखंड अंर्तगत डूबानोची पंचायत के गोला पानबाड़ा गांव से सटे महानंदा नदी से इन दिनों बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन व परिवहन किया जा रहा है. पोठिया प्रखंड के डूबानोची पंचायत से लेकर छत्तरगाछ तक बालू माफियाओं के निशाने पर महानंदा नदी है. गोला पानबाड़ा, गिल्हाबाड़ी, चमानी घाट, खेकीबस्ती पुरंदरपुर, बड़ापोखर, चिचुवाबाड़ी, टप्पू शरीफ झारबाड़ी गांव के समीप महानंदा नदी के बालू घाटों से प्रतिदिन सुबह से लेकर देर शाम तक अवैध खनन किया जाता है. इन बालू घाटों पर नियमित छापेमारी नहीं होने से बालू माफिया बेधड़क एनजीटी के नियमों की खलेआम धज्जियां उराते हुए अवैध बालू का कारोबार दिन के उजाले में कर रहे है. सबसे अधिक बालू का अवैध खनन गोला पानबाड़ा गांव के समीप महानंदा नदी से हो रहा है. करीब दो दर्जन से अधिक स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों के द्वारा दिन भर महानंदा नदी से बालू का खनन किया जाता है. स्थानीय ट्रैक्टर चालक नदी से बालू का उठाव कर काटकुंवा चौक के रास्ते थैकलबाड़ी होकर मिर्जापुर बागरानी में स्टॉक करते है. जहां से बड़े ट्रकों में बालू लोड कर बाहर भेजा जाता है. छापेमारी दल पर बालू माफियाओं की नजर पोठिया प्रखंड क्षेत्र के गलगलिया पुल, चिचुवाबाड़ी चौक, पोठिया चौक एवं देवी चौक पर बालू माफिया सुबह से ही एक्टिव रहते है. खनन विभाग की टीम या पुलिस वाहनों को सड़क से गुजरते देख बालू माफिया अपने ट्रैक्टर चालकों को रेड की सूचना दे देते है. जिससें ट्रैक्टर चालक अवैध बालू को सड़क पर ही गिरा देते है या तेजी से अपने गंतव्य स्थान के लिए निकल जाते है. जिसका परिणाम है कि छापेमारी दल को कोई विशेष उपलब्धि प्राप्त नही होती. छापेमारी दल के निकलते ही अवैध बालू खनन का काम पुनः शुरू कर दिया जाता है.

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