ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
किशनगंज : 15464/15463 बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस का प्रारंभिक स्टेशन सिलीगुड़ी जंक्शन से बदलकर हल्दीबाड़ी किए जाने के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ने का दावा किया जा रहा है. लगातार विलंब और पिछले लगभग एक महीने से हल्दीबाड़ी–सिलीगुड़ी जंक्शन खंड में आंशिक रद्दीकरण के बाद अब सीमांचल और उत्तर बंगाल के यात्रियों ने ट्रेन का परिचालन फिर से सिलीगुड़ी जंक्शन से शुरू करने की मांग तेज कर दी है.
नौकरीपेशा, छात्र और मरीजों की प्रमुख ट्रेन
बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस सीमांचल और उत्तर बंगाल के हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन मानी जाती है. प्रतिदिन नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी, मरीज और व्यापारी इस ट्रेन से सफर करते हैं. यात्रियों का कहना है कि हल्दीबाड़ी से संचालन शुरू होने के बाद ट्रेन लगभग रोजाना विलंब से चलने लगी. कई बार ठाकुरगंज पहुंचते-पहुंचते ट्रेन दो से ढाई घंटे तक देर से पहुंची.
यात्रियों का कहना है कि मार्ग में अन्य ट्रेनों को प्राथमिकता मिलने के कारण इंटरसिटी एक्सप्रेस का समय पालन लगातार प्रभावित होता रहा.
आंशिक रद्दीकरण के बाद उठे सवाल
यात्रियों के अनुसार पिछले लगभग एक महीने से ट्रेन का हल्दीबाड़ी–सिलीगुड़ी जंक्शन खंड में आंशिक परिचालन बंद है और फिलहाल ट्रेन सिलीगुड़ी जंक्शन से आगे के लिए संचालित की जा रही है. ऐसे में यात्रियों का सवाल है कि यदि नियमित परिचालन हल्दीबाड़ी से संभव नहीं है, तो प्रारंभिक स्टेशन बदलने का उद्देश्य क्या था.
पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब यह ट्रेन पहले सिलीगुड़ी जंक्शन से चलती थी, तब समय पालन बेहतर था और यात्रियों को कम परेशानी होती थी. उन्होंने रेलवे से यात्रियों के हित में निर्णय की समीक्षा कर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
अतिरिक्त डिब्बे लगाने की भी मांग
यात्रियों ने ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने की मांग भी की है. उनका कहना है कि प्रतिदिन अत्यधिक भीड़ के कारण कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है. अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी.
प्रमुख बातें
- बालुरघाट इंटरसिटी को फिर सिलीगुड़ी जंक्शन से चलाने की मांग उठी.
- यात्रियों ने हल्दीबाड़ी से संचालन के बाद लगातार विलंब का मुद्दा उठाया.
- पिछले लगभग एक महीने से हल्दीबाड़ी–सिलीगुड़ी जंक्शन खंड में आंशिक रद्दीकरण लागू है.
- अतिरिक्त कोच लगाने और नियमित परिचालन की भी मांग की गई.
- यात्रियों ने रेलवे से सुविधा को प्राथमिकता देने की अपील की.
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