पोठिया.संथाल आदिवासियों के आस्था का महापर्व बाहा बोंगा का आगाज हो चुका है. गुरुवार को पोठिया प्रखंड के बुधरा डांगी गांव में बाहा बोंगा (पूजा) की शुरूआत हुई. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पार्षद व वर्तमान 20 सूत्री सदस्य संजय उपाध्याय उपस्थित थे.इस दौरान उन्होंने पर्व के विषय मे विस्तार से जाना व जागरूकता के मद्देनजर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा मुक्त की ओर बढ़ने, बाल विवाह के नुकसान और शिक्षा के बारे में बताया.इस मौके पर प्रखंड के आदिवासी समुदाय के लोगों ने प्रकृति की पूजा की. जाहेरथान (पारंपरिक पूजा स्थल) में साल के फूल चढ़ाए गए. इन्हीं फूलों को पूरे गांव में शगुन के रूप में बांटा गया, जिसे महिलाओं ने अपने बाल में सजाया तो वहीं पुरुषों ने इसे कान पर सजाया. इस पर्व के दूसरे दिन बाहा सेंदरा के रूप में मनाया जाएगा. बाहा पर संथाल समाज के नायके बाबा पारंपरिक पंडित ने जाहेरथान पूजा स्थल में जाहेर आयो ईष्ट देव को साल के फूल अर्पित किए. पूजा के बाद जब नायके बाबा के जाहेरथान से घर लौटने पर आदिवासी युवतियों ने उनके पैर धोए और आशीर्वाद लिया. आशीर्वाद स्वरूप इन युवतियों को देवों की चरणों में सजे साल के फूल दिए गए. जिन युवतियों की झोली में ये फूल गिरे, मान्यता है कि उनकी अच्छे वर की मन्नत जल्द पूरी होगी. इस पूजा में ग्रामीणों ने पारंपरिक परिधान, फूटा काचा धोती और पेंडे साड़ी में भाग लिया. पूजा का उद्देश्य प्रकृति की सुंदरता और उर्वरता को मनाना भी है. यह पूजा संथाल समाज की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
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