किशनगंज. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली व बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार प्रधान ने पीठ के सदस्यों एवं अन्य पदाधिकारियों से अपील की कि पक्षकारों को ध्यान में रखते हुए मामलों का निपटारा उदारता पूर्वक एवं नियमानुसार करें. जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव ओम शंकर ने पक्षकारों से विशेष अनुरोध किया कि वे अपने-अपने वादों का निष्पादन शांति पूर्वक करें. राष्ट्रीय लोक अदालत के पीठ के न्यायिक सदस्य जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय विपिन कुमार, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मुक्तेश मनोहर, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी तृतीय दिव्या अमल, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी सुरभित सहाय, सिविल जज जूनियर डिवीज़न प्रथम सह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी इंजमामुल हक, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी मो रमिजुर रहमान सम्मिलित थे. इन छ: पीठों में गैर न्यायिक सदस्य के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार किशनगंज के पैनल अधिवक्ता क्रमशः मधुकर प्रसाद गुप्ता, जयदेव समाजदार, संगीता मानव, संजय कुमार श्रीवास्तव, सैयद अतहर अब्बास, पंकज कुमार की प्रतिनियुक्ति की गई थी. राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय के कुल 161 मामलों में वैवाहिक वाद 10, अपराधिक शमनीय 102 मामलें एवं विद्युत विभाग के 48 मामले, चेक बाउंस (138 एनआईएक्ट) 01 मामला सम्मिलित है. बैंक ऋण के कुल 469 मामले में समझौता राशि कुल रुपये 2,45,94,694 का तथा टेलीफोन बिल के 12 मामलों में कुल 2,95,337 रुपये का समझौता हुआ. राष्ट्रीय लोक अदालत में काफी भीड़ देखी गई जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पक्षकारों ने अपने-अपने वाद का निष्पादन करवाने में काफी सक्रिय भूमिका निभाई. पक्षकारों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो इसके लिए जगह-जगह सहायता केंद्र पर साथ ही प्रत्येक पीठ में एक-एक अधिकार मित्र की प्रतिनियुक्ति की गई थी. इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के कर्मी के साथ-साथ व्यवहार न्यायालय के कर्मचारीगण ने काफी सक्रिय भूमिका में दिखे. इसके अतिरिक्त व्यवहार न्यायालय परिसर में सदर अस्पताल किशनगंज के सौजन्य से डॉ उर्मिला कुमारी के नेतृत्व में डॉ राजेन्द्र कुमार एवं अन्य पारा मेडिकल, नर्स इत्यादि के द्वारा 30 वर्ष के उपर के उम्र के लोगों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित की गई. इस जांच शिविर में लोगों का शुगर, रक्तचाप जांच कर मुफ्त दवा वितरण किया गया. साथ ही गैर सरकारी संघठन घोघारडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ के द्वारा प्रवासी मजदूरों की सशक्तिकरण, मानव तस्करी,बाल श्रम एवं बाल हिंसा, बन्धुऑ मजदूर,महिला उत्पीड़न, सुरक्षित पलायन, समाजिक सुरक्षा योजना, सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाएं आदि मुद्दों में श्रमिकों को जागरूक किया गया.
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