अगुवानी गंगा घाट पर दस दिवसीय माघी पूर्णिमा की तैयारी जोरों पर, 26 जनवरी से होगा शुरू

माघी पूर्णिमा मेला 26 जनवरी से 4 फरवरी तक होगा

माघी पूर्णिमा मेला 26 जनवरी से 4 फरवरी तक होगा, आध्यात्मिक कार्यक्रम किया जायेगा आयोजित

परबत्ता. अगुवानी गंगा घाट पर दस दिवसीय माघी पूर्णिमा मेला होगा. माघी पूर्णिमा मेला 26 जनवरी से 4 फरवरी तक होगा. इस दौरान दस दिनों तक विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन होगा. जिसको लेकर तैयारी जोर शोर से की जा रही है. मेला परिसर में आकर्षक पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, वहीं कथा मंच के निर्माण कार्य को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी सतर्क है. इसी क्रम में अग्निशमन विभाग की टीम ने मेला क्षेत्र में पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. आयोजन समिति द्वारा साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का कार्य लगातार किया जा रहा है. मेला एवं धार्मिक आयोजनों को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रहीं है. विधायक बाबूलाल शौर्य द्वारा देर शाम मेला स्थल का निरीक्षण किया.

मेला में प्रसिद्ध कथावाचक करेंगे प्रवचन

विधायक ने कहा कि अगुवानी घाट केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बनेगा, बल्कि पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया संबल देगा. मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट क्षेत्र की साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जा रही है. आध्यात्मिक कार्यक्रमों को भव्यता देने के लिए कथावाचिका संगीता सुमन, रामायनी रामबालक दास, राजकुमारी देवी सहित अन्य प्रवचनकर्ताओं के आगमन की तैयारी चल रही है. डुमरिया बुजुर्ग गांव निवासी सतीश मिश्रा ने बताया कि कथा-प्रवचन के माध्यम से मेले को धार्मिक गरिमा प्रदान करने का प्रयास रहेगा. श्रीरामपुर ठुठ्ठी निवासी रघुवंश मणी ने कहा कि संध्या संगीतमय कार्यक्रमों को लेकर भी खास योजना तैयार हो रही है.

मेला में लोक गायक मनोज तिवारी व मैथिली ठाकुर आने की है संभावना

बताया जाता है कि गायक राजीव सिंह, धीरजकांत मिश्रा, रामकिंकर महंथ आदि के साथ-साथ सिनेमा स्टार मनोज तिवारी और विश्वप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर के आगमन की भी संभावनाएं जताई जा रही है. आयोजन को नई ऊंचाई देने के लिए बिहार के चर्चित सोनपुर मेला आयोजन समिति से जुड़े सदस्यों ने स्थल निरीक्षण किया है. सूत्रों के अनुसार सोनपुर मेले की तर्ज पर यहां मीना बाजार, झूला-झुला, जादूगर, मौत का कुआं, घुड़दौड़ प्रतियोगिता, महिला-पुरुष कुस्ती जैसे आकर्षणों की तैयारी शुरू हो चुकी है. बच्चों और युवाओं के लिए स्टेट झूला, नाव झूला, राउंड झूला और ब्रेक डांस विशेष आकर्षण होंगे.

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By RAJKISHORE SINGH

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