खगड़िया में बारिश में डूबी PMGSY सड़क, दो साल में ही खुली निर्माण की पोल

Khagaria Road Crisis: करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क अगर हल्की बारिश में ही तालाब बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है. खगड़िया के हरदिया पंचायत में कुछ ऐसा ही हो रहा है, जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क पर जलजमाव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

खगड़िया से सतीश कुमार की रिपोर्ट.

Khagaria Road Crisis: खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत हरदिया पंचायत के वार्ड संख्या 8 और 9 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत दो वर्ष पूर्व निर्मित पीसीसी सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. हालिया बारिश के बाद सड़क पर डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोग सड़क निर्माण में अनियमितता और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं.

हल्की बारिश में सड़क बनी तालाब

ग्रामीणों के अनुसार गंगा पासवान के घर से रेलवे ढाला तक और नाथन पासवान के घर से शंभू साह के घर तक बनी सड़क पर हल्की बारिश होते ही जलजमाव की स्थिति पैदा हो जाती है. सड़क पर पानी जमा होने से यह हिस्सा किसी तालाब जैसा नजर आने लगता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों तक पानी नहीं निकलने के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

जल निकासी नहीं, बढ़ती जा रही परेशानी

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई. इसी वजह से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है और लंबे समय तक बना रहता है.

लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मानकों का पालन किया गया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती. बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है.

ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया. अब इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनने के महज दो वर्षों के भीतर ही उसकी खामियां सामने आने लगी हैं, जिससे योजना की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

जांच और कार्रवाई की उठी मांग

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े.

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का जल्द समाधान करेगा और सड़क को फिर से सुगम बनाया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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