खगड़िया में रातभर गुल रही बिजली, उमस भरी गर्मी में बेहाल रहे गोगरी के लोग

Khagaria Power Cut News: न आंधी आई, न बारिश हुई, फिर भी पूरी रात बिजली गायब रही. भीषण गर्मी और उमस के बीच गोगरी के हजारों लोग रातभर जागने को मजबूर रहे. सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को झेलनी पड़ी.

खगड़िया गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट.

Khagaria Power Cut News: खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड में तकनीकी खराबी के कारण सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक बिजली आपूर्ति ठप रही. भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग पूरी रात परेशान रहे. बिजली कटने से सैकड़ों परिवारों को अंधेरे और गर्मी में रात गुजारनी पड़ी.

स्थानीय लोगों के अनुसार रात करीब 11 बजे अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. सुबह करीब 6 बजे बिजली बहाल हुई, लेकिन दो घंटे बाद फिर आपूर्ति बंद हो गई और करीब 10 बजे जाकर स्थिति सामान्य हुई. इस दौरान विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी देखी गई.

पंखे-कूलर बंद, रातभर नहीं आई नींद

बिजली नहीं रहने के कारण पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण पूरी रात बंद रहे. उमस भरी गर्मी के कारण लोग घरों में नहीं टिक सके और देर रात तक छतों, आंगनों और सड़कों पर टहलते नजर आए.

स्थानीय निवासी गंगेश कुमार, आशीष कुमार और पप्पू कुमार ने बताया कि रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत ज्यादा खराब रही.

पानी का संकट भी बना परेशानी

बिजली आपूर्ति बाधित रहने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा. कई घरों में मोटर नहीं चल पाने के कारण पानी की समस्या उत्पन्न हो गई. लोगों का कहना है कि बिजली संकट के कारण सुबह की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं.

राहुल कुमार, सरफराज आलम और सुनील कुमार मिश्रा सहित कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग समय पर बिल वसूली तो करता है, लेकिन निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल साबित हो रहा है.

तकनीकी खराबी बनी वजह

बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुपर ग्रिड बीरबास से झंझरा और शिरनियां पावर सब स्टेशन तक बिजली लाइन में इंसुलेटर और तार में पंचर जैसी तकनीकी खराबी आ गई थी. इसी कारण रात में बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी हुई.

विभागीय कर्मियों ने बताया कि तकनीकी टीम ने पूरी रात मरम्मत कार्य किया, जिसके बाद आपूर्ति सामान्य हो सकी.

लोगों ने मांगी जवाबदेही

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि तकनीकी खराबी थी तो विभाग को समय रहते उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी. लोगों ने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए त्वरित सूचना प्रणाली और बेहतर रखरखाव व्यवस्था की मांग की है.

नागरिकों ने बिजली विभाग से कटौती के कारणों का विस्तृत खुलासा करने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने की अपील की है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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