खगड़िया से राजस्थान में रोजी-रोटी कमाने गए मजदूर की मौत, गांव में पसरा मातम

Khagaria News: परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए राजस्थान गए एक मजदूर की अचानक हुई मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है. पांच बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि गांव पहुंचते ही शव को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

खगड़िया से सतीश कुमार की रिपोर्ट.

Khagaria News: खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत चौथम थाना क्षेत्र के हरदिया पंचायत के वार्ड संख्या आठ निवासी साजन पासवान की राजस्थान में एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर काम कर रहे साजन पासवान की छत से गिरने के बाद जान चली गई. शनिवार को जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.

काम के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार हरदिया निवासी स्वर्गीय श्यामदेव पासवान के लगभग 40 वर्षीय पुत्र साजन पासवान राजस्थान के धौंसा जिले के डाबरोई स्थित एक निजी कंपनी में मजदूरी का काम करते थे.

बताया जाता है कि 4 जून को कार्य के दौरान वह अचानक छत से नीचे गिर गए. हादसे के बाद उनके साथ काम कर रहे मजदूरों और कंपनी के कर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

गांव पहुंचा शव तो मच गया कोहराम

शनिवार को जब साजन पासवान का शव उनके पैतृक गांव हरदिया पहुंचा तो परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई. पत्नी चांदनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में दिखाई दिए.

गांव के लोगों ने बताया कि साजन पासवान परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे. उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है.

पांच बेटियों के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल

मृतक अपने पीछे पत्नी और पांच पुत्रियों को छोड़ गए हैं. पिता की मौत के बाद बेटियों के भविष्य को लेकर परिवार की चिंता बढ़ गई है.

शोकाकुल पत्नी चांदनी देवी हादसे के लिए कंपनी की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रही हैं. वह बार-बार यही सवाल पूछ रही थीं कि अब उनकी पांच बेटियों का सहारा कौन बनेगा.

मुआवजा और सरकारी सहायता की मांग

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी.

इस दौरान लोजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश पासवान, डॉलर साहिल पासवान, सुधीन ठाकुर, शेखर पासवान, पवन पासवान और संजीव पासवान समेत कई लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.

ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार और प्रशासन को मानवीय आधार पर तत्काल मदद करनी चाहिए, ताकि मृतक की पत्नी और बेटियों को भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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