Khagaria Crime News : खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र में मकान निर्माण के दौरान कथित रूप से रंगदारी मांगने और विरोध करने पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि 5 लाख रुपये की रंगदारी नहीं देने पर कुछ लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया, उसके साथ मारपीट की और निर्माण सामग्री भी उठा ले गए. मामले में 18 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोग पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं.
क्या है पूरा मामला
गोगरी थाना क्षेत्र के शाहनगर वार्ड संख्या 29 निवासी मो. मोख्तार की पत्नी जूही खातून अपने घर का निर्माण कार्य करा रही थीं. आरोप है कि इसी दौरान 18 लोग वहां पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया.
पीड़िता के अनुसार, आरोपितों ने उनसे 5 लाख रुपये रंगदारी की मांग की. जब उन्होंने रुपये देने से इनकार किया तो उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. महिला का आरोप है कि उन्हें जमीन पर पटककर घायल कर दिया गया और निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही छड़, सीमेंट समेत अन्य सामग्री भी अपने साथ ले गए.
घटना के बाद पीड़िता ने गोगरी थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
18 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी
जूही खातून की शिकायत के आधार पर गोगरी थाना में 18 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. प्राथमिकी में मो. नौषाद, मो. समशाद, मो. संजार, खुर्शीदा खातून, मो. आलम, इकरामुल, नियामुल, इजमामुल, हसीना खातून, रबिना खातून, इसराईल, मो. तजमुल, शहजादी खातून, मुस्कान खातून, नासरीन खातून, मो. शुभान, रिजवान और मो. जुबेर के नाम शामिल हैं.
महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के समय सभी आरोपित शराब के नशे में थे. हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.
पुलिस ने क्या कहा
गोगरी थानाध्यक्ष अरबिंद कुमार ने बताया कि पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर 18 नामजद आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
Khagaria Crime News: इलाके में चर्चा, पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
घटना के बाद शाहनगर और आसपास के इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान निर्माण के दौरान विवाद की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन यदि रंगदारी और मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर कानून-व्यवस्था का मामला है.
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं. जांच के दौरान घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी. पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
Also Read: NEET प्रदर्शनकारियों पर बड़ा फैसला, बिहार सरकार वापस लेगी दर्ज FIR, जल्द होंगे रिहा
