स्वास्थ्य कर्मियों को प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे व शाम 5 बजे कार्य स्थल से भेजना होगा सेल्फी: डीएम

किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा.

अधिकारी व कर्मी अनुशासन एवं पारदर्शिता के साथ दायित्वों का करें निर्वहन

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा अनियमितता बर्दाश्त नहीं

खगड़िया. समाहरणालय सभाकक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुयी. जिसमें विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गयी. बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य एक आवश्यक सेवा है. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा. सभी अधिकारियों और कर्मियों को अनुशासन एवं पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करना होगा.

आधारभूत संरचना एवं भवन संबंधी आवश्यकताएं

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र को आधारभूत संरचना या भूमि की आवश्यकता है. तो सिविल सर्जन तत्काल उसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं. सभी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के संचालन और प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता दी जाय. जिन स्थानों पर सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है. वहां किराए पर भवन लेकर एचडब्लूसी चलाना सुनिश्चित किया जाय. एचडब्लूसीएस में नियमित जलापूर्ति, औषधियों की उपलब्धता तथा अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाय. सभी केंद्रों के बाहर कर्मचारियों का नाम, मोबाइल नंबर एवं उपलब्ध सेवाओं की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाय. प्रत्येक ओपीडी रजिस्टर में मरीजों की संख्या के साथ उनका मोबाइल नंबर भी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है. बैठक में डीएम ने सभी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने आवासीय पते की सूची, मकान मालिक का नाम और मोबाइल नंबर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच की जा सके.

दवा और चिकित्सा सुविधा का प्रचार-प्रसार

जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को मेडिकल स्टोर जाने की आवश्यकता नहीं है. क्योंकि स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध है. हर ओपीडी में मरीजों की संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाय. सभी केंद्रों के कर्मियों को प्रतिदिन प्रातः 8:30 बजे और संध्या 5:00 बजे अपनी उपस्थिति संबंधित स्थल से सेल्फी भेजनी होगी. यदि कोई कर्मचारी लगातार तीन दिन लेट होता है, तो उसकी एक दिन की वेतन कटौती की जाएगी. इस व्यवस्था की निगरानी का कार्य एमएनइ को सौंपा गया है. प्रत्येक पीएचसी/सीएचसी के लिए स्वास्थ्य समिति गठित कर निरीक्षण व गैप एनालिसिस करने का आदेश दिया गया है. इसके लिए एक समुचित रोस्टर तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है. डीएम ने सिविल सर्जन को सभी अस्पतालों का नियमित भ्रमण कर निरीक्षण करने एवं प्रत्येक दौरे की जांच-प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

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By RAJKISHORE SINGH

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