प्रतिनिधि, बारसोई बारसोई प्रखंड की बलतर पंचायत के वार्ड संख्या-7 में सड़क निर्माण अधूरा रहने से ग्रामीणों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. करीमगंज से बनभुई को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग आज भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सका है. नतीजतन ग्रामीणों को महज आधा किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय 4 से 5 किलोमीटर का लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं, किसानों, मरीजों और दैनिक मजदूरों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. जब लोगों का आवागमन लगभग बाधित हो जाती है. पंचायत समिति सदस्य मेराज ने बताया कि जनहित को देखते हुए वर्ष 2023 में लगभग पांच लाख रुपये की लागत से मार्ग में एक पुलिया का निर्माण कराया गया था. पुलिया बनने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन सड़क का मुख्य हिस्सा नदी कटाव में समा जाने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैकल्पिक मार्ग के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है. क्योंकि कुछ स्थानीय लोग अपनी निजी जमीन देने को तैयार नहीं हैं. इसी वजह से सड़क निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. वार्ड सदस्य हृदय चंद्र दास ने कहा कि यह सड़क दो गांवों के बीच संपर्क का सबसे आसान और छोटा मार्ग है. यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि गंभीर पहल करें तो वर्षों पुरानी समस्या का समाधान निकल सकता है. उन्होंने भूमि विवाद का समाधान कर सड़क निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है. लेकिन बलतर पंचायत के इस महत्वपूर्ण मार्ग की अनदेखी समझ से परे है. लोगों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण का रास्ता साफ कराया जाए. ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके.
आधा किलोमीटर सड़क के लिए तरस रहे ग्रामीण, पांच किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर
बारसोई के बलतर पंचायत में सड़क निर्माण अधूरा होने से ग्रामीण 5 किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की गई है।

फोटो - : बलतर पंचायत में अधूरे संपर्क मार्ग की ओर इशारा करते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network