Kaimur News : डंगरी के समीप क्राॅसिंग बंद करने का ग्रामीणों ने किया भारी विरोध

डंगरी व देवासडिहरा के बीच पहले से बने क्रॉसिंग को बंद करने के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के कर्मियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा.

मोहनिया सदर. मोहनिया-पटना पथ एनएच 319 पर रोहतास सीमा से लगे डंगरी व देवासडिहरा के बीच पहले से बने क्रॉसिंग को बंद करने के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के कर्मियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों का आक्रोश देख कर्मी यह कहते हुए बैरंग लौट गये कि इस मामले में आप लोग संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिजिए. ग्रामीणों का कहना है कि एनएच के अप व डाउन लेन के बीच डिवाइडर का लगभग तीन फुट ऊंचा घेराबंदी किया जा रहा है, जो सुरक्षा की दृष्टिकोण तो उचित है. लेकिन, पुराने क्राॅसिंगों को बंद कर पांच किलोमीटर की दूरी पर क्रॉसिंग बनाया जा रहा है, जहां भी एनएच के समीप गांव व विद्यालय हैं, बीच-बीच में पैदल लोगों को सड़क क्राॅस करने के लिए कम से कम दो से तीन फुट जगह छोड़ना चाहिए. वाहन पकड़ने के लिए या फिर विद्यालय जाने के लिए, क्या पांच किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर लोगों को जाना-आना पड़े यह अच्छा है? मालूम हो इन दिनों एनएचएआइ ने एनएच 319 की बीच बने डिवाइडर की जगह-जगह घेराबंदी शुरु कर दी है, जिसको लेकर एनएचएआइ के लोगों को कई जगहों पर ग्रामीणों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ रहा है. पिछले दिनों शुक्लपिपरा के ग्रामीणों ने क्राॅसिंग बंद करने का कार्य कर रहे कर्मचारियों से जमकर तीखी नोकझोंक की थी. पांच किलोमीटर की दूरी के बीच एक क्राॅसिंग बनाये जाने से सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं व गर्भवती महिलाओं व मरीजों को हो रही है. # मोहनिया से डंगरी तक एनएच किनारे अवस्थित हैं कई विद्यालय मोहनिया से डंगरी तक एनएच 319 के किनारे अवस्थित संजीवनी पब्लिक स्कूल, प्लस टू विद्यालय दादर, माध्यमिक विद्यालय शुक्लपिपरा, मंगलम इंटरनेशनल स्कूल, प्लस टू विद्यालय रामपुर, मध्य विद्यालय डंगरी, इन विद्यालयों में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनमें से बहुत ऐसे हैं जिनको एनएच पार इन विद्यालयों में पढ़ने जाना होता है. एनएच 319 के डिवाइडर की पूर्ण घेराबंदी होने, गांव व विद्यालय के सामने पूर्व में बनाये गये क्राॅसिंग को बंद करने व वर्तमान समय में लगभग पांच किलोमीटर की दूरी के बीच एनएच पर क्राॅसिंग बनाये जाने से बहुत से छोटे बच्चों के परिजनों ने बच्चों को विद्यालय जाने से रोक दिया है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले खासतौर से निम्न व मध्यम वर्गीय लोग प्रायः मजदूरी व किसानी कर अपना जीवन यापन करते हैं और उनके पास इतना समय नहीं रहता है कि वे अपने छोटे बच्चों को पांच किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर विद्यालय पहुंचा सकें और छुट्टी होने पर उनको विद्यालय से घर वापस ला सकें. यदि छोटे या बड़े बच्चे डिवाइडर की घेराबंदी के नीचे से होकर एनएच पार कर विद्यालय जाने आने की कोशिश करते हैं तो उसमें काफी खतरा है, जिसकी वजह से बहुत से बच्चों ने विद्यालय जाना बंद कर दिये हैं. ग्रामीणों की एनएचएआइ से मांग भी यही है कि पैदल एनएच पार करने भर की जगह गांव व विद्यालय के सामने छोड़ दिया जाता, तो हम लोगों की परेशानी नहीं बढ़ती. # मोहनिया से रोहतास सीमा तक 20 किमी के बीच सिर्फ पांच क्राॅसिंग मोहनिया से परसथुआं के बीच 20 किमी की दूरी के बीच ओवरब्रिज के अलावा एनएच 319 पर सिर्फ पांच स्थानों पर एनएचएआइ द्वारा क्राॅसिंग बनाया गया, जिसमें मोहनिया की तरफ से जाने पर पहला क्राॅसिंग घेघियां आश्रम के समीप, दूसरा डड़वा बाइपास के समीप, तीसरा शुक्लपिपरा पेट्रोल पंप के समीप, चौथा मछनहटा व लहुरबारी के बीच और पांचवां क्राॅसिंग यादव मोड़ देवासडिहरा के समीप बनाया गया है. जबकि, उक्त दूरी के बीच एनएच 319 के समीप दर्जनों गांव अवस्थित हैं. इन गांवों के लोगों को पूर्व में बने क्राॅसिंग बंद कर दिये जाने से अतिरिक्त दूरी तय कर अप से डाउन व डाउन से अप लेन पर जाना-आना पड़ रहा है. यदि गांवों के सामने पैदल सड़क को पार करने मात्र की जगह छोड़ दिया गया होता, तो इन लोगों को शायद इतनी नाराजगी व्यक्त करने की जरूरत नहीं पड़ती # दादर से परसथुआं के बीच एनएच-319 पर बने हैं पांच ओवरब्रिज मोहनिया के दादर से लेकर रोहतास के परसथुआं के बीच एनएच-319 पर पांच ओवरब्रिज बनाया गया है, जिसमें अप की सर्विस सड़क से डाउन लेन में आने जाने के लिए अंडरपास भी बनाया गया है. लेकिन ओवरब्रिज के इन अंडरपास का अधिक लाभ नजदीक के गांव वाले ही उठाते है, क्योंकि ओवरब्रिज से अधिक दूरी पर अवस्थित गांव के लोगों या वाहन चालकों को सड़क पार करने के लिए क्रॉसिंग का ही सहारा लेना पड़ता है. मोहनिया से परसथुआं के बीच एनएच 319 पर पहला ओवरब्रिज दादर के समीप, दूसरा ओवरब्रिज पसपिपरा के समीप, तीसरा ओवरब्रिज समहुता के समीप, चौथा ओवरब्रिज कटराकला के समीप व पांचवां ओवरब्रिज बहुआरा के समीप बनाया गया है. जबकि, यहां से पांच किलोमीटर की दूरी पर रोहतास सीमा में अवस्थित परसथुआं ओवरब्रिज की शुरुआत कैमूर के टेल प्वाइंट से होती है. # इन ओवरब्रिजों के दोनों तरफ बनी सर्विस सड़क पर खड़े वाहनों से लोगों को होती है परेशानी दादर से लेकर बहुआरा तक एनएच 319 पर जहां भी ओवरब्रिज बनाया गया है, उन अधिकतर ओवरब्रिज के दोनों तरफ बनायी गयी सर्विस सड़क के किनारे लगने वाली छोटी-छोटी दुकानें एक छोटे बाजार का रूप ले लेती है, जिसका नतीजा है कि दुकानदारों सहित अन्य लोग अपने वाहनों को सर्विस सड़क के किनारे ही खड़ा कर देते हैं. इसकी वजह से कभी कभी सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती है, साथ ही ओवरब्रिजों के अंडरपास की ऊंचाई भी कम है, जिसका परिणाम है कि ओवर हाइट लोड माल वाहक वाहन इस अंडरपास से होकर दूसरे लेन में प्रवेश नहीं कर पाते. साथ ही सामान्य हाइट लोडिंग वाले बड़े माल वाहन जैसे 12,14, 18 व इससे अधिक चक्का वाले बड़े वाहनों को भी इन अंडरपास से निकल कर लेन बदलने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. क्योंकि ओवरब्रिज की सर्विस सड़क के किनारे दुकानदार सहित अन्य लोगों द्वारा अपने वाहनों को गलत तरीके से खड़ा कर दिया जाता है, जिसकी वजह से इस तरह के अधिक लंबाई वाले वाहनों को टर्निंग लेने में काफी परेशानी होती है. अधिक दूरी से बचने के लिए रॉन्ग साइड में चलते हैं लोग एनएच-319 पर एनएचएआइ द्वारा पांच किलोमीटर की दूरी पर बनाये जा रहे क्रॉसिंग की दूरी अधिक होने के कारण बहुत से वाहन चालक जिनका गांव दो क्रॉसिंग के बीच में होता है या कुछ दूरी पर होता है, वैसे लोग पहले क्रॉसिंग से ही रॉन्ग साइड में अपना वाहन लेकर प्रवेश कर जाते हैं और काफी दूरी तक समय और ईंधन बचाने के लिए रॉन्ग साइड में ही जाते-आते हैं, ऐसी स्थिति में प्राय: दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. # क्या कहते हैं लोग – डंगरी के कन्हैया राय कहते हैं कि हमारे गांव की बगल एनएच पर पहले से जो क्रॉसिंग बना हुआ है उससे सहजना, सारमनपुर, मिश्रवलियां, बजारहा, डंदोरी, कैथियां, कैथियां छावनी, बिशुनपुर सहित अन्य गांव के बच्चे और आम जनमानस प्रतिदिन आते जाते हैं. अगर उक्त क्राॅसिंग की घेराबंदी कर दिया जायेगा तो इन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. – पुनीता देवी कहती हैं कि एनएच द्वारा डिवाइडर की तीन फुट ऊंची घेराबंदी करने से हम महिलाओं को सड़क पार करने में काफी परेशानी होती है. साड़ी पहन कर तीन फुट ऊंचे डिवाइडर को लांघना या फिर उसके नीचे से होकर निकलना खतरे से बिल्कुल खाली नहीं है. यदि थोड़ी जगह भी एनएचएआइ छोड़ देता, तो पैदल लोग आसानी से पार कर जाते हैं. – मध्य विद्यालय डंगरी में पढ़ने वाली वर्ग आठ की छात्रा खुशी कुमारी कहती है कि मेरा गांव एनएच के उत्तर दिशा में अवस्थित है, जबकि मेरा विद्यालय एनएच के दक्षिण दिशा में अवस्थित है. जब रोड बंद हो जायेगा, तो हम लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत होगी. तीन फुट की रेलिंग को फांदकर जाते हैं, तब भी खतरा है और उसके नीचे से होकर निकलते हैं तब भी खतरा है. हम लोगों का तो विद्यालय आना-जाना ही बंद हो जायेगा. – तेलंगा के मनोज राष्ट्रवादी कहते हैं कि एनएचएआइ द्वारा जिस तरह पहले के सभी कटिंग को बंद किया जा रहा है और पांच किलोमीटर की दूरी के बीच क्रॉसिंग बनाया जा रहा है, इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. ओवरब्रिज के जितने भी अंडरपास हैं उसमें लोग गाड़ियां खड़ी कर दे रहे हैं, कुछ लोग दुकान लगा रहे हैं, जिससे उसके अंदर से भी गाड़ी लेकर निकलना काफी मुश्किल हो रहा है.

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By PRABHANJAY KUMAR

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