Kaimur News : सात साल बाद भी कर्मनाशा मुख्य नहर का पक्कीकरण नहीं हुआ पूरा

किसानों के खेतों तक आसानी से टेल इंड तक पानी पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा 92 करोड़ रुपये की लागत से कर्मनाशा मुख्य नहर के पक्कीकरण की योजना लायी गयी थी

कर्मनाशा. किसानों के खेतों तक आसानी से टेल इंड तक पानी पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा 92 करोड़ रुपये की लागत से कर्मनाशा मुख्य नहर के पक्कीकरण की योजना लायी गयी थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा सरकार की इस योजना में आधा अधूरा कार्य कर किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया गया और यह योजना अब तक अधूरी लटकी है. कहीं पक्कीकरण हुआ है, तो कहीं नहीं किया गया है, जहां पक्कीकरण हुआ भी है उसमें भी दरारें पड़ गयी है. हालांकि, विभाग द्वारा ठेकेदार पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है. बताते चलें कि वर्ष 2018-19 में 92 करोड़ रुपये की लागत से कर्मनाशा मुख्य नहर का पक्कीकरण करने की योजना सिंचाई विभाग द्वारा लायी गयी थी, ताकि क्षेत्र के किसानों के खेतों में आसानी से पानी पहुंच सके. यह योजना चांद से लेकर जीटी रोड और उसके नीचे कर्मनाशा मुख्य नहर विस्तार, कुल्हड़िया माइनर व रूइया माईनर को पक्कीकरण करने की बनायी गयी थी, लेकिन किसानों की इस महत्वाकांक्षी योजना पर ठेकेदार ने पानी फेर दिया. अब तक ठेकेदार द्वारा आधा अधूरा ही कार्य करा छोड़ दिया गया है. नहर का कहीं पक्कीकरण हुआ तो कहीं नहीं हुआ. जहां पक्की करण हुआ भी है तो वहां की दीवारें फटने लगी है और पेड़ पौधे उग गये हैं. हालांकि, विभाग द्वारा अब तक योजना के करीब आधे पैसे ही भुगतान किया गया है. इस योजना में ढड़हर से लेकर जीटी रोड तक नाम मात्र का काम हुआ है. इसी तरह रुइया माइनर के भी पक्कीकरण का काम पूर्ण नहीं हो पाया है. विभाग के अनुसार, कर्मनाशा मुख्य नहर का पक्कीकरण कार्य करने की योजना वर्ष 2018-19 में लायी गयी थी. यह योजना 92 करोड़ की थी. इस 92 करोड़ की योजना में चांद से लेकर जीटी रोड कर्मनाशा तथा जीटी रोड कर्मनाशा के उत्तर तरफ कर्मनाशा मुख्य नहर विस्तार तथा कुल्हड़ियां माइनर व रूइया माइनर का पक्कीकरण करना था. क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सात साल बाद भी नहर के पक्कीकरण का कार्य नहीं होने से कहीं न कहीं सरकार की लापरवाही साफ दिख रही है, नहीं तो यह कार्य कई वर्ष पहले ही पूर्ण हो जाना चाहिए था. योजना का जो पैसा बचा है. उस पैसे से दूसरे ठेकेदार से भी कार्य कराया जा सकता है, ताकि क्षेत्र के किसानों को जल्द से जल्द इस योजना का लाभ मिल सके. सिंचाई करने में किसानों को हो रही दिक्कत ढड़हर पंप कैनाल का कार्य जून माह में पूर्ण होने के कगार पर है, अगर पक्कीकरण का कार्य हो गया होता तो कैनाल का पानी बहुत जल्द जीटी रोड तक पहुंच जाता, लेकिन ढड़हर से जीटी रोड के बीच एक तो नहर का पक्कीकरण नहीं हुआ है, दूसरी तरफ नहर में काफी पेड़ पौधे उगे गये हैं. नहर में साफ सफाई की जरूरत है और धान का सीजन भी सिर पर आ गया है. ऐसे में सिंचाई करने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, कर्मनाशा नदी में पानी नहीं है, जब तक बांध से पानी नदी में छोड़ा नहीं जायेगा. ढड़हर पंप कैनाल हो चाहे लरमा पंप कैनाल हो कोई भी कैनाल नहीं चल पायेगा या अच्छी बरसात हो जाने पर भी कर्मनाशा नदी में पानी बढ़ सकता है. जब तक पानी नदी में कहीं से भी आयेगा नहीं, पंप कैनाल भी शो पीस ही बने रहेंगे. धान के बीज डालने के लिए इस समय किसानों के खेतों को पानी की जरूरत है, लेकिन न नहर में पानी है, न नदी में ही पानी है. क्षेत्र के किसान अपने निजी संसाधन के बल पर धान के बीज डालने में लगे हैं.

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