Kaimur News : करेंट से लगातार हो रही घटनाओं से लोगों दहशत में, विभाग सुस्त

जिले में बिजली लाइन से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं.

भभुआ शहर. जिले में बिजली लाइन से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं. आये दिन हो रही इन घटनाओं से जिले वासी परेशान हैं, साथ ही कई जानें भी जा चुकी हैं. इससे लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया तार जगह-जगह जर्जर हो चुके हैं, कई जगह तार लटक जा रहे हैं और पोल भी खराब स्थिति में हैं. इस समस्या को लेकर बार-बार विभाग को अवगत कराया जाता है, लेकिन कोई समाधान नहीं किया जाता. इससे मानवीय क्षति के साथ पशु भी इससे अछूते नहीं हैं. जिले में बीते कुछ दिनों में ही राजेंद्र राम, इंद्रजीत कुमार, रामाकांत पासवान, बसंत मुसहर, अरमान आलम, अशोक कुमार सहित कई लोगों की जान बिजली करेंट लगने से चली गयी. साथ ही हद तो तब हो गयी जब लोगों का रास्ते पर चलना भी खतरे का खेल हो गया. कुछ ऐसा ही मामला रविवार को देखने को मिला, जहां चैनपुर थाना अंतर्गत रूपापट्टी गांव निवासी राजेंद्र राम रोजमर्रा की तरह सुबह मजदूरी करने निकले और रास्ते में ही धारा प्रवाहित हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गये, जिससे सिर धड़ से अलग हो गया और माैके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गयी. शिवपुर भोकरी में कुछ दिन पहले राइस मिल में काम कर रहा मजदूर मिल से बाहर पेशाब करने निकला और करेंट की चपेट में आ गया था. बीते रविवार शाम जलालपुर गांव निवासी हीरा बिंद की पोती करेंट की चपेट आ गयी थी, जबकि बिजली विभाग हर मौसम में मेंटेनेंस करने के नाम पर खानापूर्ति करती रहती है, फिर भी लोग कही लुंज तार से या ट्रांसफाॅर्मर लाइन के करेंट की चपेट में आ जा रहे हैं. = बिजली करेंट से पशु भी नही हैं सुरक्षित बिजली करेंट से मनुष्य के साथ पशु भी सुरक्षित नहीं है. बीते कुछ दिनों में ही करेंट से कई पशुओं की भी मौत हो चुकी है. पशुपालक नंदलाल गोर, अंजनी कुमार यादव, जमील खान, अंजुम तिवारी, लक्ष्मण यादव सहित अन्य पशुपालकों ने बताया कि हमलोगों का जीविकोपार्जन का साधन एक मात्र पशुपालन है, जो बिजली विभाग की लापरवाही से हमारे पशु सुरक्षित नहीं है. बिजली विभाग मनमानी ढंग काम करता है जहां जैसे तार पोल खड़ा कर देता है, समय समय पर जांच पड़ताल नहीं करता है, जिसमें तार कटने या अन्य कारण से विद्युत प्रवाहित हो जाती है, जिससे पशु सहित बच्चों के लिए जानलेवा साबित होती है. ही ताजा मामला अधौरा थाना क्षेत्र अधौरा गांव के लक्ष्मण यादव और चांद थाना क्षेत्र के पैरा गांव निवासी अंजूम तिवारी पशुपालक बधार में भैंस चरा रहे थे, भैंस चरने के क्रम में करेंट की चपेट में आ गयी और मौत हो गयी, जिससे पशुपालकों को लाखों रुपये की क्षति हो गयी. = बिजली से मौत पर मिलने वाला मुआवजा – मानव मृत्यु – 400000 – गाय व भैंस – 30,000 – बकरी, भेड़ व सूअर – 3000 – घोड़ा, बैल व ऊंट – 25000 – बछड़ा, गदहा, खच्चर – 16000

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRABHANJAY KUMAR

PRABHANJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >