Kaimur News : मोहनियां अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों से होकर गुजरने वाली दुर्गावती, कर्मनाशा, गोरियां सहित अन्य नदियों के उफान से बनी बाढ़ जैसी स्थिति के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए गुरुवार की शाम करीब पांच बजे एसडीआरएफ की 12 सदस्यीय टीम दो बोट के साथ मोहनियां पहुंची. शाम होने के कारण टीम नदी के तेज जलप्रवाह में बोट नहीं उतार सकी. शुक्रवार को टीम ने मुठानी के समीप दुर्गावती नदी में उतरकर करीब 10 किलोमीटर जलमार्ग का जायजा लिया.
मुठानी से रतवार पुल तक बोट से पहुंची एसडीआरएफ टीम
शुक्रवार को सीओ निरंजन सुमन और बेलौड़ी पंचायत के मुखिया मीर इमरान के साथ एसडीआरएफ की 12 सदस्यीय टीम दो बोट लेकर मुठानी के समीप दुर्गावती नदी में उतरी. टीम ने नदी के जलप्रवाह और जलस्तर का जायजा लेते हुए करीब 10 किलोमीटर का सफर तय किया और रतवार पुल के पास पहुंची. इस दौरान टीम के सदस्यों और सीओ ने बाढ़ से प्रभावित किसानों व स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली.
खेत और मकानों में पानी प्रवेश करने से हुए नुकसान का लिया जायजा
एसडीआरएफ टीम ने उन किसानों और ग्रामीणों से बाढ़ से हुई क्षति की जानकारी ली, जिनके खेत और मकानों में पानी प्रवेश कर गया था. इस दौरान प्रभावित लोगों की समस्याओं और नुकसान की स्थिति का भी आकलन किया गया. नदी का जलस्तर घटने के कारण टीम को अपने बोट के साथ उसी रास्ते से मुठानी लौटना पड़ा, जहां से उसने नदी में प्रवेश किया था. जलस्तर कम होने के कारण बोट को दूसरे स्थान से बाहर निकालना संभव नहीं था.
बेलौड़ी और अमरपुरा में दो कच्चे मकान गिरे
सीओ निरंजन सुमन ने बताया कि बाढ़ के कारण बेलौड़ी और अमरपुरा में दो लोगों के कच्चे मिट्टी के मकान गिर गये हैं. दोनों प्रभावित लोगों से आवेदन मांगा गया है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके. उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
दुर्गावती नदी का पानी तेजी से घट रहा
प्रशासन के अनुसार दुर्गावती नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है और बाढ़ का पानी अब नदी में उतर गया है. जलस्तर घटने से प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है. हालांकि, लगातार बारिश के कारण प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है.
बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से की थी तैयारी
नेपाल में आयी भीषण त्रासदी के बाद राज्य की नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई. जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ते दबाव के कारण डैम से नदियों और नहरों में पानी छोड़े जाने से कर्मनाशा, दुर्गावती समेत कई क्षेत्रीय नदियों का जलस्तर बढ़ गया था. इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ गयी थी.
डीएम और एसडीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया था. उन्होंने स्थानीय विधायक संगीता कुमारी और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. वहीं, एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने भी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और लोगों से नदी, नहर तथा अन्य जलस्रोतों से दूर रहने की अपील की.
Also Read : बक्सर स्कूल कांड: छात्राओं के यौन शोषण के आरोपों के बीच प्रधानाध्यापक से छिना राजकीय शिक्षक पुरस्कार
बुधवार को बाढ़ के पानी से घिरे रहे सैकड़ों घर
लगातार तेज बारिश के कारण दुर्गावती नदी के उफान पर आने से मोहनियां नगर पंचायत के वार्ड 15 स्थित इस्लामगंज में सिविल कोर्ट से दक्षिण घनी आबादी के सैकड़ों घर बाढ़ के पानी से घिर गये थे. इसी तरह एनएच-19 से दक्षिण शहर से सटे बेलौड़ी पंचायत के उगहनीडीह में भी कई मकान पानी से घिर गये थे. घरों के चारों ओर पानी जमा रहने के कारण लोग बाहर निकलने से बचते रहे.
जहरीले जीव-जंतुओं के डर से घरों में रहने को मजबूर रहे लोग
बाढ़ के पानी के साथ जहरीले जीव-जंतुओं के आने की आशंका से भी लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज करते रहे. बाढ़ से घिरे घरों तक दूध पहुंचाने वाले भी नहीं पहुंच सके. इससे छोटे बच्चों के लिए दूध की समस्या उत्पन्न हो गयी. बाद में कई परिजन दिन के उजाले में कमर तक भरे पानी से होकर बाजार पहुंचे और दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदकर लाये.
Also Read : बक्सर स्कूल कांड: नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म के आरोप में शिक्षक फरार, घर पर दो दिन से लटका ताला
प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने का किया दावा
सीओ निरंजन सुमन ने बताया कि गुरुवार की शाम करीब पांच बजे पटना से एसडीआरएफ की 12 सदस्यीय टीम दो बोट के साथ मोहनियां पहुंची थी. शुक्रवार को मुठानी से रतवार पुल तक बोट से नदी के जलस्तर का जायजा लिया गया. उन्होंने बताया कि नदी का पानी तेजी से घट रहा है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. बेलौड़ी और अमरपुरा में दो कच्चे मकान गिरे हैं, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है. बाढ़ की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
Also Read : बक्सर ताप विद्युत परियोजना की बड़ी उपलब्धि, यूनिट-2 का 72 घंटे का ट्रायल रन सफल
