Kaimur News : रामगढ़ दुर्गा चौक पर जाम की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. करीब 40 लाख रुपये की लागत से बिस्कोमान भवन के पास बस स्टैंड बनने के बावजूद मोहनियां और नुआंव जाने वाली बसें आज भी दुर्गा चौक पर ही खड़ी हो रही हैं. बसों के ठहराव के कारण प्रतिदिन चौक पर जाम की स्थिति बनी रहती है. छोटे वाहनों के चालक तेज हॉर्न बजाकर बसों को हटाने का प्रयास करते हैं, लेकिन बस चालक अपनी जगह से नहीं हटते.
करीब सात माह पहले 23 फरवरी को अनुमंडल सभागार में एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी ने नगर पंचायत के ईओ राहुल कुमार को दुर्गा चौक पर खड़ी होने वाली बसों को 24 से 48 घंटे के भीतर हटाकर बस स्टैंड में भेजने का निर्देश दिया था. इसके बाद दो-तीन दिनों तक नगर पंचायत कर्मियों और पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण बसें चौक से करीब 20 मीटर दूर खड़ी की गयीं, लेकिन बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो गयी.
कार्रवाई के निर्देश के बावजूद नहीं थमा बसों का ठहराव
दुर्गा चौक पर बसों के ठहराव पर रोक लगाने को लेकर पूर्व थानाध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर बस चालकों के पकड़े जाने पर चालक के साथ वाहन मालिक के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
वहीं, नगर पंचायत के ईओ की ओर से चौक और इसके आसपास 100 मीटर की परिधि को नो-वेंडिंग जोन घोषित कर सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों के खिलाफ जुर्माना वसूलने की बात कही गयी थी. इसके बावजूद धरातल पर स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है. ऐसे में लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर बाजार को जाम से निजात कौन दिलायेगा.
40 लाख की लागत से बने बस स्टैंड में रखी है बालू-गिट्टी
बाजार में जाम की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से जुलाई 2024 में बिस्कोमान भवन के पास करीब 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था. इसका उद्घाटन बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने किया था. बस स्टैंड बनने के बावजूद मोहनियां और नुआंव जाने वाले सवारी वाहन दुर्गा चौक के दोनों ओर मुख्य सड़क पर ही खड़े होते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड का उपयोग नहीं होने से इसका उद्देश्य ही पूरा नहीं हो रहा है. दूसरी ओर सड़क किनारे सब्जी और फल की दुकानें भी जाम का प्रमुख कारण बन रही हैं. लोगों के अनुसार, बस स्टैंड परिसर में वर्तमान में बालू-गिट्टी रखे होने की वजह से भी इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है.
नो-वेंडिंग जोन का भी नहीं दिख रहा असर
कुछ माह पूर्व नगर पंचायत कर्मियों ने ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से कई दिनों तक दुर्गा चौक और इसके आसपास 100 मीटर की परिधि को नो-वेंडिंग जोन घोषित होने की जानकारी दी थी. इस दौरान सब्जी ठेला और अन्य वाहन मिलने पर जुर्माना वसूलने की चेतावनी भी दी गयी थी.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों के आदेश के बावजूद न तो सड़क से अतिक्रमण हटाया गया और न ही जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सका. इससे बाजार में आने-जाने वाले ग्रामीणों और वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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चौड़ी सड़क के बाद भी बढ़ी परेशानी
रामगढ़ बाजार की मुख्य सड़क एनएच-319ए के चौड़ीकरण के दौरान लोगों को उम्मीद थी कि सड़क चौड़ी होने के साथ अतिक्रमण से भी मुक्त होगी. लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे दुकानें और ठेले लगने से मुख्य सड़क कई स्थानों पर पहले से अधिक संकरी हो गयी है.
एनएच निर्माण के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष रामजी प्रसाद ने ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को सड़क और सड़क किनारे बन रहे नाले के निर्माण के बाद अतिक्रमण हटाने की बात कही थी. लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी सड़क पर सब्जी और फल की दुकानें लगने का सिलसिला जारी है. इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है.
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बाइपास या ओवरब्रिज की उठने लगी मांग
लगातार जाम की समस्या से परेशान लोगों के बीच अब रामगढ़ बाजार के लिए बाइपास सड़क या ओवरब्रिज की जरूरत को लेकर चर्चा होने लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाजार में वाहनों का दबाव कम करने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की गयी तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है.
क्या कहती हैं एसडीएम
एसडीएम रत्ना प्रियदर्शी ने कहा कि यदि नगर में बस स्टैंड बना हुआ है, तो बसें वहीं लगनी चाहिए. आदेश के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं हुई है तो वह एक बार फिर ईओ और थानाध्यक्ष को निर्देश देंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि बसों को हर हाल में बस स्टैंड भेजा जाना चाहिए.
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