नुआंव (कैमूर) से संजय जायसवाल की रिपोर्ट
Kaimur Road Accident : नुआंव और रामगढ़ थाना क्षेत्र में सड़क पर बेलगाम दौड़ रहे बाइक, ट्रैक्टर और ट्रकों के कारण लगातार हो रहे हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. बीते एक माह में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर न तो पुलिस और न ही परिवहन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है. अतिक्रमण और संकरी सड़कों के बीच तेज गति से दौड़ते वाहन लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं.
17 मई से 17 जून के बीच इनलोगों की गयी जान
- 17 मई को अहिवास गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में सुल्तानपुर गांव के ओमप्रकाश चौबे की मौत हो गई थी.
- 30 मई को कुढ़नी थाना क्षेत्र के चंदेश गांव के पास सीमेंट लदे ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक 12 वर्षीय बालक गोलू कुमार और रोहतास जिले के दीपक कुमार शामिल थे.
- 31 मई को नुआंव-बक्सर मार्ग पर देउरिया मोड़ के पास तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से 14 वर्षीय रमजान अब्बासी की मौत हो गई.
- 1 जून को नरहन गांव के पास मिट्टी लदे ट्रैक्टर की चपेट में आकर 14 वर्षीय लक्ष्य कुमार की जान चली गई।
- 17 जून को एनएच-319ए पर बंदीपुर चौधरी नगर के पास बाइक की टक्कर से 45 वर्षीय श्याम नारायण चौधरी की इलाज के दौरान मौत हो गई.
ग्रामीणों में नाराजगी
लगातार हो रही मौतों के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में गहरा रोष है. लोगों का कहना है कि दुर्गा चौक, अंबेडकर चौक और जगदेव चौक जैसे स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो चुकी हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है.
प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्घटनाओं के बाद पुलिस केवल पोस्टमार्टम और मुआवजे की प्रक्रिया तक सीमित रह जाती है, जबकि स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते.
ग्रामीणों ने मांग की है कि तेज रफ्तार और लापरवाह वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और अतिक्रमण हटाकर सड़क व्यवस्था को सुधारा जाए.
