भभूआ सदर. पिछले दो दिनों से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से शनिवार को शहर में सुवरन नदी उफान पर आ गयी. शनिवार सुबह से नदी के उफान पर रहने के चलते पटेल कॉलेज सहित डीएवी स्कूल व प्रोफेसर कॉलोनी तक नदी का पानी आ गया है. इस बीच नदी के पानी में लगातार हो रही बढ़ोतरी से नदी के आसपास इलाके के रहने वाले लोग बाढ़ जैसे हालात की स्थिति सोच सहमे हैं. गौरतलब है कि इस बारिश के सीजन में पहली बार सुवरन नदी में पानी बढ़ा है, जिसके चलते शहर के पश्चिमी इलाके स्थित मुहल्लों डूबने लगे है. लोगों का कहना था कि पहाड़ों से आ रहे पानी से नदी का जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है. गेंहुवनवा नदी का बढ़ता जा रहा जलस्तर
उधर, सुवरन नदी में बारिश से आये उफान की वजह से भगवानपुर में नदी का पानी कस्तूरबा आवासीय विद्यालय और सीएचसी में पानी समा गया. स्थानीय लोगों चंदन सिंह, अनवर इद्रीशी, राजकुमार गुप्ता आदि ने बताया कि गुरुवार रात को तेज हवा और बिजली चमकने के साथ काफी बारिश हुई, जिसके चलते सुवरन नदी और गेंहूवनवा नदी का एकाएक पानी शुक्रवार को बढ़ गया. नदी का जलस्तर इतना बढ़ा है कि बगल के घर व स्कूलों में पानी से भर गया है. फिलहाल नदी का जल स्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है. उधर, गेंहुवनवा नदी में अचानक आये बाढ़ की वजह से चैनपुर प्रखंड में भी फसल सहित कई गांव के रास्ते व घर पानी में डूब गये. हिंदूवादी संगठन के नेता व समाजसेवी उत्तम पटेल ने बताया कि गुरुवार को दिन और रात भर बारिश होने से चैनपुर प्रखंड के बढ़ौना, मेढ़, लखमनपुर, बखारी देवी, खदौली, धरहरा, डिह, गुलरिया, रमौली, रामगढ़, भगंदा, सरैया दुबे, खनिया और हाटा बाजार आदि जगहों पर गेंहुवनवा नदी का पानी गांव तक आ गया है और खेतों में खड़ी धान की फसल भी डूब गयी है. अगर पानी नहीं निकलता है तो किसानों को इससे काफी क्षति उठानी पड़ सकती है. = लगातार बारिश से हर तरफ पानी ही पानीजिला मुख्यालय के आस-पास के गांव सीवों, मधुपुर कोरी, बबुरा, कुकराढ, सारंगपुर, दुमदुम आदि सहित दर्जनों गांव के अगल- बगल पानी ही पानी का नजारा दिखायी दे रहा है. नगर के डीएवी, चिल्ड्रन गार्डेन स्कूल सहित विद्युत प्रमंडल कार्यालय से होते हुए सेमरीया बस्ती तक सुवरन नदी का पानी फैल चुका है. इसके अलावा शहर से सटे भभुआ- भगवानपुर पथ का पश्चिमी इलाका भी सोमवार को नदी में अचानक आयी बाढ़ से जलमग्न हो गया. इधर, दक्षिणी ओर सीवों मेला के पास तक नदी का पानी पहुंच चुका है. वहीं, भभुआ और मोहनिया मुख्य सड़क के पूर्वी इलाके में भी हालात जुदा नहीं रहे. बारिश से कोरी, सोनडीहरा, बबुरा, अखलासपुर आदि गांवों से सटी बस्तियों सहित नया बना मंडलकारा भी शनिवार को कुकरनहिया नदी के पानी की चपेट में आता दिख रहा है.
इनसेट
लगातार बारिश से शहर से गुजर रही नहर हुई खतरनाक = सुरक्षा दीवार नहीं रहने से बाइक सहित युवक 12 फुट गहरी नहर में गिरा भभूआ सदर. सीवों गांव से होती शहर से गुजर रही नहर लगातार हो रही बारिश से काफी खतरनाक हो गयी है. एक तो 12 फुट नहर की गहराई ऊपर से नहर के किनारों पर सुरक्षा दीवार नहीं रहने से हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रह रही है. शनिवार को ही पिछले 24 घंटे की लगातार बारिश से नहर उफान पर आ गया, जिसके चलते सड़क की सतह तक आये पानी में एक बाइक सवार जा गिरा. हालांकि, दिन का समय होने और आसपास मौजूद रहे लोगों की तत्परता से नहर में बाइक सहित जा घुसे युवक को बचा लिया गया. लेकिन, युवक की बाइक को काफी मशक्कत से बाहर निकाला जा सका. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि दिन का समय था तो युवक को बचा लिया गया, लेकिन रात होती तो युवक किसके सहारे बचता. लोगों का कहना था कि इतनी गहरी नहर को शहर के बीच निकाला गया है, लेकिन नहर की खुदाई व मरम्मत के तीन साल बाद भी इस नहर के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराया जा सका. बाकी दिनों में पानी कम रहने से काम चल जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में नहर लबालब भरी रहती है और इसका प्रवाह भी काफी रहता है. गौरतलब है कि नहर के किनारे पर पटेल चौक के एक तरफ वार्ड नंबर एक व दो का एरिया, तो दूसरी तरफ वार्ड छह व सात का इलाका पड़ता है. नहर पथ के आसपास घर बनाकर रह रहे लोगों को बाजार आने या फिर घर लौटने के लिए नहर से सटे इसी सड़क का उपयोग करना पड़ता है. लेकिन, सड़क में सुरक्षा दीवार नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. हालांकि, इस मामले को लेकर मुहल्ले के लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर सिंचाई विभाग तक अपनी फरियाद लगा चुके हैं, लेकिन फरियाद का असर अब तक अधिकारियों पर नहीं हो सका है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
