नहर निर्माण में लापरवाही से किसानों की दलहन व तिलहन फसल डूबी
मुसाखाड से चांद कर्मनाशा की तरफ आने वाली नहर में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते अब तक उसका कुलावा नहीं बन पाया है.
कुलावा नहीं बनने से नहर का पानी खेतों में घुसा ठेकेदार को सूचना देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई चांद. मुसाखाड से चांद कर्मनाशा की तरफ आने वाली नहर में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते अब तक उसका कुलावा नहीं बन पाया है. नहर में पटवन के लिए पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण निर्माणाधीन नहर से पानी निकलकर किसानों के दलहन व तिलहन के खेतों में भर गया. इससे खेतों में लगी फसलें पानी में डूब गयीं. किसानों द्वारा इस संबंध में नहर निर्माण करा रहे ठेकेदार को पहले ही अवगत करा दिया गया था. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी. शुक्रवार की सुबह जब किसान अपने खेत देखने गये, तो फसलें पानी में डूबी हुई मिलीं. इससे किसानों में काफी आक्रोश व चिंता देखी गयी. किसानों ने बताया कि वर्षा के समय में पहले ही धान की फसल को पानी में डूबने से काफी नुकसान हुआ था. इसके बाद जब दूसरी बार दलहनी फसल खेतों में लहलहा रही थी, तभी अचानक नहर का पानी खेतों में भर गया. इससे किसानों की दलहन व तिलहन दोनों फसलों को भारी क्षति पहुंची है. भरूहिया गांव के किसान प्रेमनारायण बिंद, रामप्यारे प्रसाद सहित अन्य किसानों ने बताया कि अगर नहर का कुलावा बन गया होता तो खेतों में इतना पानी नहीं भरता. इसके लिए ठेकेदार को पहले ही कहा गया था, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया. इसी लापरवाही के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. किसानों ने कहा कि अगर अब भी कुलावा बंद कर दिया जाये, तो दलहनी व तिलहनी फसल को कुछ राहत मिल सकती है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
