कर्मनाशा नदी में उफान, कैमूर की कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; सैकड़ों एकड़ फसल डूबी

मूसा खांड़ बांध से 35000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कर्मनाशा नदी उफान पर है, जिससे दुर्गावती प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

Kaimur Flood Update : पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार दो दिनों तक हुई झमाझम बारिश के बाद कर्मनाशा नदी का जलस्तर बुधवार को तेजी से बढ़ गया. यूपी के मूसाखाड़ बांध से मंगलवार को 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी में उफान आ गया. इसके कारण कर्मनाशा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा. सरैयां, धनसराय, निपरान समेत कई गांवों में नदी तट के घर पानी से घिर गये हैं. वहीं किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल भी बाढ़ के पानी में डूब गयी.

कई सड़कों पर चलने लगा बाढ़ का पानी

कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद दुर्गावती-ककरैत पथ पर नुआंव के पास, खजुरा-सखेलीपुर पथ, ढड़हर-धनसराय पथ और निपरान गांव जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी बहने लगा. इससे इन मार्गों पर लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया. दुर्गावती-ककरैत पथ पर नुआंव के पास शीशम का पेड़ गिरने से भी कुछ समय तक आवागमन बाधित रहा.

35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बढ़ा संकट

बताया गया कि लगातार बारिश के कारण मूसाखाड़ बांध में पानी लबालब भर गया. बांध में 355 फीट से अधिक पानी होने पर जलस्तर नियंत्रित करने के लिए पानी नदी में छोड़ा जाता है. इसी क्रम में मंगलवार को मूसाखाड़ बांध से 35 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में डिस्चार्ज किया गया. वहीं लतीफ शाह बीयर के ऊपर से करीब छह फीट पानी ओवरफ्लो होकर कर्मनाशा नदी में गिरने लगा. इससे बुधवार की सुबह से ही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता चला गया.

खजुरा से निपरान तक कई गांव प्रभावित

दुर्गावती प्रखंड के खजुरा, सरैयां, ढड़हर, कानपुर, धनसराय, लरमा, जमुरनी करारी तथा मसौढ़ा पंचायत के नुआंव और निपरान गांव में बाढ़ का पानी फैल गया. नदी का जलस्तर बढ़ता देख ग्रामीणों में भीषण बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गयी. सरैयां गांव के पश्चिमी हिस्से में दो घर बाढ़ के पानी से घिर गये हैं.

सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबी

कर्मनाशा नदी के तटीय इलाके में बाढ़ का पानी फैलने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गयी है. धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है. मसौढ़ा पंचायत के गांवों में स्थिति अधिक प्रभावित बतायी जा रही है. नुआंव निवासी आनंद सिंह और धनसराय निवासी मनोज राजभर समेत अन्य ग्रामीणों ने फसलों के बर्बाद होने की आशंका जताते हुए सरकार से सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. फसल डूबने से पशुओं के चारे का संकट भी बढ़ने की संभावना है.

सीओ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा

बाढ़ की सूचना मिलने के बाद दुर्गावती सीओ बुधवार को नुआंव, निपरान समेत अन्य प्रभावित इलाकों में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. नुआंव के पास सड़क पर पेड़ गिरने और बाढ़ का पानी बहने से लोगों को परेशानी हो रही थी. सीओ ने मौके पर मौजूद कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये. हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने पेड़ को काटकर सड़क से हटा दिया था.

फोटो | Prabhat Khabar Network
दुर्गावती ककरैत पथ पर चलता हुआ पानी | Prabhat Khabar Network

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By मैनुदीन शाह

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