Kaimur Road Accident:( रंजय जायसवाल) बिहार में सड़क हादसे अब आम बात होते जा रहे हैं. तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हर दिन लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जिससे कई परिवार उजड़ रहे हैं. प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वाहन सावधानी से चलाएं, गति नियंत्रित रखें और नियमों का पालन करें, लेकिन इसके बावजूद हादसों में कमी नहीं आ रही है. ताजा मामला कैमूर से सामने आया है, जहां रामगढ़ के बाजार की मुख्य सड़क एनएच-319ए पर तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला. सड़क पार कर रहे एक मजदूर की बाइक की टक्कर से मौत हो गई. घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह शव को सड़क पर रखकर करीब एक घंटे तक जाम कर दिया.
घर लौटते समय हुआ हादसा
मृतक की पहचान थाना क्षेत्र के बंदीपुर चौधरी नगर निवासी श्याम नारायण चौधरी (45 वर्ष), पिता महेश मल्लाह के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात वह खेत में मजदूरी करने के बाद घर लौट रहे थे. इसी दौरान शिव मंदिर के पास सड़क किनारे खड़े होकर किसी का इंतजार कर रहे थे, तभी रामगढ़ से बक्सर की ओर जा रही तेज रफ्तार बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर काफी दूर जाकर गिर पड़े.
इलाज के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल को रामगढ़ रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. परिजन उन्हें एंबुलेंस से वाराणसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में कर्मनाशा के समीप उनकी मौत हो गई.
मुआवजे और रोजगार की मांग पर सड़क जाम
घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह करीब छह बजे शव को सड़क पर रखकर एनएच-319ए जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने मृतक की आश्रित पत्नी भगमानी देवी को आंगनबाड़ी केंद्र अथवा किसी सरकारी विद्यालय में दाई के रूप में रोजगार देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा दुर्घटना स्थल के आसपास तीन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की.
प्रशासन के आश्वासन के बाद जाम समाप्त
सड़क जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा और बीडीओ जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों को समझाते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में परिवहन विभाग की ओर से आपदा राहत मद के तहत चार लाख रुपये, पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये तथा कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर यातायात बहाल किया.
लगातार बढ़ रहे हादसों से ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क पर वाहनों की बेलगाम रफ्तार और बाइक चालकों की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं. उन्होंने दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर और नियमित पुलिस गश्ती की मांग की है.
