कैमूर से राजू कुमार की रिपोर्ट
Kaimur Teacher News : कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड में शिक्षकों के लंबित वेतन, वेतन अंतर और महंगाई भत्ता भुगतान को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तेजस्विनी आनंद ने सभी प्रधानाध्यापक, प्रभारी शिक्षक और प्रधान शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर आवश्यक विपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है. इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और संबंधित विद्यालयों में दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
जिला स्तर के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, यह निर्देश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पत्र के आलोक में जारी किया गया है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन नियोजित और विशिष्ट शिक्षकों का वेतन किसी कारणवश लंबित रह गया है, उनका पूरा विवरण, प्राप्त वेतन, प्राप्य राशि और वेतन अंतर का विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए. इस कार्य के लिए सभी विद्यालयों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रखंड शिक्षा कार्यालय में जमा करें.
महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी शामिल
आदेश में यह भी कहा गया है कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक के महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता के बकाया भुगतान का विवरण भी तैयार किया जाए. इसके लिए निर्धारित विहित प्रपत्र में सभी गणना को स्पष्ट रूप से भरकर कार्यालय में जमा करना अनिवार्य किया गया है. लेखापाल हिमांशु शेखर पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर सही विवरण उपलब्ध कराएं, ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई देरी न हो.
प्रधानाध्यापक होंगे जवाबदेह
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक की होगी. विभाग ने इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिया है.
शिक्षकों में जगी उम्मीद
इस आदेश के बाद लंबे समय से बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे शिक्षकों में उम्मीद की नई किरण जगी है. कई शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से महंगाई भत्ता और वेतन अंतर के भुगतान को लेकर परेशान थे, लेकिन अब प्रक्रिया तेज होने से राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है.
रामपुर प्रखंड में शिक्षा विभाग की यह सख्ती बकाया भुगतान प्रक्रिया को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कितनी तेजी से रिपोर्ट तैयार होती है और शिक्षकों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है.
