कैमूर के मोहनिया से विनोद कुमार सिंह
Kaimur News : मधेपुरा जिले में पदस्थापित तीन पुलिस अधिकारी पटना में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी उनकी कार बेगूसराय के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई. मृतक साजन पासवान भोपतपुर गांव निवासी शुकर पासवान के सबसे छोटे पुत्र थे, जो वर्ष 2018 में दारोगा बने थे और वर्तमान में रतवारा थाना के थाना प्रभारी के पद पर कार्यरत थे.
चार भाइयों में सबसे छोटे थे साजन पासवान
परिजनों के अनुसार साजन कुमार चार भाइयों में सबसे छोटे थे और उनकी अभी शादी भी नहीं हुई थी. उनके बड़े भाई मेघनाथ पासवान गांव में खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि दूसरे भाई राजन पासवान बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं और तीसरे भाई राजू पासवान थाना चालक के रूप में सेवा दे रहे हैं. परिवार के तीन भाई सरकारी सेवा में होने के कारण पूरे गांव को उन पर गर्व था, लेकिन इस हादसे के बाद गांव में लोगों का तांता लग गया और 100 से अधिक लोग बेगूसराय के लिए रवाना हो गए. मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मधेपुरा में पदस्थापित दारोगा साजन कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना मिली है.
पटना से लौटते समय काल बन गई सड़क, तीन थानाध्यक्ष समेत चालक की मौत
बिहार पुलिस महकमे के लिए यह घटना बेहद दुखद साबित हुई है, जहां राजधानी पटना में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों और उनके निजी चालक की सड़क हादसे में मौत हो गई. राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में एनसीआरबी और एनआईसी के विशेषज्ञों द्वारा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) 1.0 को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था. प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे चारों लोग कार से मधेपुरा के लिए रवाना हुए थे, इसी दौरान बेगूसराय के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ी एक ट्रक से उनकी कार जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही तीनों थानाध्यक्षों समेत चालक की मौत हो गई. वाहन चला रहे ज्योतिष कुमार, उदाकिशुनगंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र थे.
हादसे में जान गंवाने वाले अन्य दो अधिकारियों का परिचय
ज्ञानेंद्र अमरेंद्र वर्ष 2009 बैच के दारोगा थे, जो कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र के आजमनगर निवासी थे और सितंबर 2025 से अरार थाना के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे.
नीरज कुमार 2018 बैच के दारोगा थे, जिन्हें महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना का थानाध्यक्ष बनाया गया था. गया जिले के मूल निवासी नीरज कुमार का परिवार डेहरी ऑन सोन में रहता है.
पुलिस महकमे में शोक की लहर
एक ही हादसे में तीन थानाध्यक्षों और चालक की मौत की खबर से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है. बेगूसराय व मधेपुरा सहित पूरे बिहार पुलिस परिवार में इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की जा रही है. मृत अधिकारियों की सेवाओं और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उनके सहकर्मी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं.
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