उत्पाद विभाग की कैद से फरार शराब तस्कर का एक हफ्ते बाद भी नहीं मिला सुराग, पुलिस पर गिरेगी गाज

Kaimur News: कैमूर जिले के मोहनिया स्थित समेकित जांच चौकी के उत्पाद विभाग की हाजत से फरार हुए दो शराब तस्करों की एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. मामले में पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि सुरक्षा में तैनात कर्मियों के खिलाफ भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

Kaimur News:(विनोद कुमार सिंह) कैमूर के मोहनिया स्थानीय समेकित जांच चौकी स्थित उत्पाद विभाग की हाजत से फरार हुए दो शराब तस्करों की गिरफ्तारी घटना के एक सप्ताह बाद भी नहीं हो सकी है. फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है. घटना के बाद से ही उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं, हाजत की सुरक्षा में तैनात कर्मियों की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं. इसके बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं किए जाने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

24 मई को हाजत की खिड़की तोड़कर हुए थे फरार

जानकारी के अनुसार, 24 मई को उत्पाद विभाग की हिरासत में बंद दो शराब तस्कर हाजत की खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे. फरार आरोपितों की पहचान वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी दीपक कुमार तथा गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के तेरसिया वार्ड संख्या-4 निवासी सामू कुमार के रूप में हुई थी. बताया जाता है कि समेकित जांच चौकी पर वाहन जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने एक कार से करीब 305 लीटर विदेशी शराब बरामद की थी. कार्रवाई के दौरान दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर शराब और वाहन को जब्त कर लिया गया था. इसके बाद उन्हें उत्पाद विभाग की हाजत में रखा गया था, जहां से दोनों खिड़की तोड़कर फरार हो गए.

गिरफ्तारी के लिए जारी है छापेमारी

घटना सामने आने के बाद उत्पाद विभाग और मोहनिया पुलिस ने फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की थी. हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद दोनों आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. मामले को लेकर उत्पाद निरीक्षक द्वारा मोहनिया थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है. पुलिस विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

हाजत जैसी सुरक्षित जगह से आरोपितों का फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाजत की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो आरोपितों का फरार होना संभव नहीं था. घटना के बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका की जांच की मांग भी उठ रही है. हालांकि, अब तक किसी भी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है.

क्या कहते हैं उत्पाद अधीक्षक?

मामले को लेकर उत्पाद अधीक्षक गौतम कुमार ने बताया कि फरार शराब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. उन्होंने कहा कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है. सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई के संबंध में उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

लोगों को गिरफ्तारी और कार्रवाई का इंतजार

घटना के एक सप्ताह बाद भी न तो फरार तस्करों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही सुरक्षा में चूक के लिए किसी जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई हुई है. ऐसे में आम लोगों के बीच उत्पाद विभाग और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

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Published by: Ragini Sharma

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