64वीं BPSC में छोटी बहन बनी थी CO, अब 70वीं में बड़ी ने हासिल किया BDO का पद; जानिए कैमूर की दो बहनों की अनोखी कहानी

Kaimur BPSC Success Story : कैमूर के दुर्गावती की दो बहनों ने BPSC में सफलता हासिल कर रचा इतिहास, एक बनी BDO तो दूसरी पहले से CO पद पर कार्यरत. रानी कुमारी ने 70वीं BPSC परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई, पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल. नौकरी के साथ पढ़ाई कर हासिल की सफलता, मेहनत और अनुशासन बनी उनकी सबसे बड़ी ताकत. दोनों बहनों की उपलब्धि बनी प्रेरणा, ग्रामीणों ने कहा -अब बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं.

Kaimur BPSC Success Story : (सच्चिदानंद सिंह) कहते हैं बेटियां अगर ठान लें तो इतिहास लिख देती हैं और एक ही परिवार की दो बहनों ने बिहार प्रशासनिक सेवा में चयन पाकर न सिर्फ अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया, बल्कि पूरे इलाके के लिए मिसाल बन गई हैं. कैमूर के दुर्गावती प्रखंड के कर्मनाशा बाजार की दो बेटियों ने यही कर दिखाया हैल.दो बहनों ने साबित कर दिया कि सपने वही पूरे करते हैं जो हालात से हार नहीं मानते. 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर बड़ी बहन ने BDO का पद प्राप्त किया है.

बड़ी बहन बनी BDO, छोटी पहले ही बन चुकी है CO

स्थानीय समाजसेवी बबन तिवारी की नातिनी और रत्नेश्वर तिवारी की पुत्री रानी कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में 1323वीं रैंक हासिल कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर चयनित होकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इससे पहले उनकी छोटी बहन 64वीं BPSC परीक्षा के जरिए अंचलाधिकारी (CO) बन चुकी हैं. एक ही घर की दो बेटियों का प्रशासनिक सेवा में चयन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है.

पढ़ाई के साथ नौकरी, फिर भी हासिल की सफलता

रानी कुमारी वर्तमान में BPSC TRE-1 के माध्यम से चयनित शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं. नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर यह मुकाम हासिल किया. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं.

गांव से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर

रानी कुमारी की शुरुआती पढ़ाई राज कुमार इंटर कॉलेज, भुजना (चंदौली) से हुई. इसके बाद उन्होंने शहीद संजय सिंह महिला महाविद्यालय, भभुआ (कैमूर) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। छात्र जीवन से ही मेधावी रहीं रानी ने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा और लगातार प्रयास करती रहीं.

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सफलता का श्रेय परिवार और गुरुओं को

अपनी सफलता पर रानी कुमारी ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को दिया. उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. साथ ही उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का संदेश दिया.

क्षेत्र में खुशी की लहर, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

रानी कुमारी की इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की. लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा है और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत उदाहरण है.

अब बेटियां नहीं रुकेंगी -ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि यह सफलता बताती है कि अब गांव की बेटियां किसी से कम नहीं हैं. सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर वे हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा सकती हैं.

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Published by: Ragini Sharma

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