Kaimur News : कैमूर जिले में विकास योजनाओं की राशि समय पर खर्च नहीं करने वाले 43 पंचायत सचिवों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. 15वें वित्त आयोग और पंचम राज्य वित्त आयोग से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त राशि का अपेक्षित उपयोग नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया है.
डीएम की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया फैसला
27 जुलाई को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई पंचायत राज विभाग की समीक्षा बैठक में पंचायतवार विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में कई पंचायतों में वित्त आयोग की राशि खर्च करने की प्रगति राज्य स्तर पर निर्धारित मानक से काफी कम पाई गई. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित पंचायत सचिवों की जवाबदेही तय करने का निर्णय लिया गया.
बीडीओ को जारी हुआ सख्त निर्देश
जिला पंचायती राज पदाधिकारी मनोज कुमार पवन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिया है कि चिन्हित पंचायत सचिवों से सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के तहत निर्धारित प्रपत्र 'क' में स्पष्टीकरण प्राप्त कर शीघ्र जिला कार्यालय भेजें. सचिवों को अपने जवाब के समर्थन में आवश्यक अभिलेख और साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होंगे.
11 प्रखंडों के 43 पंचायत सचिव कार्रवाई की जद में
जिला प्रशासन की कार्रवाई अधौरा, भभुआ, भगवानपुर, चैनपुर, चांद, दुर्गावती, कुदरा, मोहनियां, नुआंव, रामगढ़ और रामपुर प्रखंड के कुल 43 पंचायत सचिवों पर की गई है. इन पंचायतों में विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि के उपयोग की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई.
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित पंचायत सचिवों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया या जांच में लापरवाही की पुष्टि हुई तो उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि वित्त आयोग की राशि का समय पर उपयोग नहीं होने से सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट सहित कई विकास योजनाएं प्रभावित होती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है.
कार्रवाई के बाद पंचायत राज विभाग में बढ़ी हलचल
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत राज विभाग में हलचल तेज हो गई है. कार्रवाई की जद में आए पंचायत सचिव योजनाओं से जुड़े अभिलेख जुटाने और अपना स्पष्टीकरण तैयार करने में लगे हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
