Kaimur News : जनसंपर्क अभियान के दौरान कैमूर पहुंचे जदयू के राष्ट्रीय महासचिव एवं बिहार सरकार के पूर्व परामर्शी मनीष कुमार वर्मा के सामने किसानों और विभिन्न संगठनों ने जिले के विकास से जुड़े कई मुद्दे उठाये. इस दौरान जनहित से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने की मांग की गयी.
कुमी क्षत्रिय महासभा ने सौंपा ज्ञापन
कैमूर भ्रमण के दौरान बेतरी मुखिया श्रवण पटेल के आवास पर पहुंचे जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा से भारतीय कुमी क्षत्रिय महासभा के एक शिष्टमंडल ने मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में जिले के सर्वांगीण विकास को लेकर कैमूर में चीनी मिल की स्थापना कराने की मांग प्रमुखता से रखी गयी.
गन्ने की खेती को मिलेगा बढ़ावा
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि जिले में नदियों के जलस्रोत और नहरों के सघन नेटवर्क के कारण गन्ने के उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हैं. लेकिन चीनी मिल नहीं होने के कारण किसान बड़े पैमाने पर गन्ने का उत्पादन नहीं करते हैं. यदि जिले में चीनी मिल की स्थापना होती है, तो इससे गन्ने की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा.
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
शिष्टमंडल ने कहा कि चीनी मिल स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे श्रम पलायन की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही एथेनॉल उत्पादन और सह-उत्पादों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है. सरकार इस दिशा में पहल करती है, तो जिले की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है.
मुख्य सचिव के समक्ष मांग रखने का आश्वासन
किसानों और विभिन्न संगठनों की बातें सुनने के बाद राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा ने आश्वासन दिया कि कैमूर जिले में कृषि और उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि जनहितकारी और किसान हितैषी विकासात्मक मांगों को बिहार सरकार के मुख्य सचिव के समक्ष रखकर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने का अनुरोध किया जायेगा. साथ ही राज्य सरकार और उद्योग विभाग से भी उचित नीतिगत पहल कराने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा.
Also Read : नोखा में पंचायत खेल क्लबों की समीक्षा बैठक, खेल प्रतिभाओं की पहचान और पंजीकरण पर जोर
शिष्टमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में जयप्रकाश नारायण सिंह, राकेश कुमार सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, हरित कुमार, बसावन सिंह, मुरारी प्रसाद, सत्येंद्र सिंह, राजा जय कृष्ण चंद, काशीनाथ सिंह, महेंद्र सिंह आदि शामिल थे.
Also Read : यूजीसी रेगुलेशन-2026 के विरोध में 20 सितंबर को आक्रोश मार्च, आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का ऐलान
