kaimur News : लिपिकों की हड़ताल से कार्यालयों में काम काज रहा ठप

आंदोलन. सोमवार को भी लिपिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल रही जारी, अधिकारी बैठे रहे कार्यालय में, कर्मचारी देते रहे रहे धरना

भभुआ नगर.

बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (गोप गुट) के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार से अपनी 10 सूत्री लंबित मांगों व पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर समाहरणालय, प्रखंड, अंचल व अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत सभी लिपिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. लिपिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है. सोमवार को समाहरणालय के सभी कार्यालय में अधिकारी समय से पहुंचे, लेकिन कार्यालय कर्मियों की हड़ताल पर रहने के करण अधिकारी कार्यालय में बैठकर उनका इंतजार करते रहे. कर्मियों की हड़ताल के कारण कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा.

लिपिकों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

इधर, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे लिपिक समाहरणालय पर धरना देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. धरने पर बैठे लिपिकों का कहना था कि सरकार जब तक हमलोगों को 2800 ग्रेड पे, अन्य संवर्गों की तरह प्रमोशन, पुरानी पेंशन योजना सहित कुल 10 सूत्री मांगों को पूरा नहीं करती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. अगर इसके बावजूद भी सरकार उनकी मांगो को पूरा नहीं करती है, तो लिपिक आंदोलन करने पर बाध्य होंगे. धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि हमलोगों द्वारा विगत दो महीनों से कालापट्टी बांधकर व धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था. लेकिन, हमलोगों की मांग जब सरकार से नहीं सुनी गयी, तो विवश होकर हड़ताल पर गये हैं. हड़ताल के दौरान सभी कार्यालयों का कामकाज ठप है, इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की है.

गौरतलब है कि अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पहले शुक्रवार की शाम को बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (गोप गुट) के बैनर तले भभुआ शहर में लिपिकों द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया था. इतना ही नहीं, लिपिक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर काली पट्टी बांधने से लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया. धरने की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने किया, तो संचालन अर्जुन पासवान ने किया. इस दौरान मौके पर प्रधान लिपिक मनोज कुमार, अजय कुमार सिंह प्रमोद कुमार सत्येंद्र कुमार, अनूज कुमार पांडे, प्रशांत, मनोज मिश्रा, सुरेंद्र सिंह सहित कई मौजूद थे.

गुलजार रहने वाला समाहरणालय दिखा सुना

कार्यालय के समय कर्मियों से गुलजार रहने वाला समाहरणालय सोमवार को पूरी तरह से सुना दिखाई पड़ा. कर्मियों की हड़ताल पर होने के कारण अपने कामकाज के लेकर आने वाले ग्रामीणों की संख्या भी अमूमन ना के बराबर रही. भूल चूक से कोई ग्रामीण अगर कार्य को लेकर समाहरणालय पहुंचे भी थे, तो कार्यालय में कर्मियों के नहीं रहने के कारण वापस घर लौट गये.

बारिश में भी धरने पर बैठे रहे कर्मी

10 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय पर धरना दे रहे कर्मी बारिश में भी धरने पर बैठे रहे व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. कर्मियों ने कहा की उनकी सभी मांगे जब तक पूरी नहीं होती है, तब तक सभी लिपिक धरने पर बैठे रहेंगे.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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