कैमूर: रामगढ़ में बिजली तार पर 48 घंटे से लटका विशाल पेड़, मंडरा रहा करंट का खतरा; विभाग बेखबर

रामगढ़ में 48 घंटे से बिजली के तार पर लटका विशालकाय पेड़ बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। प्रशासन की लापरवाही से राहगीरों की जान खतरे में है।

Kaimur News : दो दिन पहले तेज आंधी-बारिश के दौरान बीआरसी परिसर में गिरे दो विशालकाय पेड़ों में से एक को वन विभाग की टीम ने मंगलवार दोपहर काटकर रेफरल अस्पताल के मुख्य गेट से हटा दिया. लेकिन अस्पताल गेट से महज कुछ मीटर की दूरी पर गिरा दूसरा पेड़ पिछले 48 घंटे से 220 वोल्ट के कवरयुक्त बिजली तार पर लटका हुआ है. इसके बावजूद अब तक पेड़ को हटाने की दिशा में ठोस पहल नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है.

बिजली तार पर लटका पेड़, कभी भी हो सकता है हादसा

सबसे गंभीर स्थिति यह है कि पेड़ बिजली के तार के संपर्क में होने के बावजूद विद्युत आपूर्ति जारी है. यदि तार का कवर किसी कारण से क्षतिग्रस्त हुआ और तार पेड़ के सीधे संपर्क में आया, तो करंट पेड़ में प्रवाहित हो सकता है. ऐसे में पेड़ के आसपास से गुजरने वाले राहगीरों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभागों की उदासीनता किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है. लोगों ने तत्काल बिजली लाइन की सुरक्षा जांच कराने और पेड़ को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है.

बड़े वाहनों का रास्ता बंद, राहगीरों की बढ़ी परेशानी

दुर्गा चौक से सूर्य सरोवर की ओर जाने वाले मार्ग पर यह विशाल पेड़ बिजली तार के सहारे झूल रहा है. पेड़ के कारण इस रास्ते से बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. छोटे वाहन और पैदल राहगीर किसी तरह निकल रहे हैं, लेकिन ऊपर बिजली तार पर लटके पेड़ के कारण हर समय खतरे की स्थिति बनी हुई है.

एक पेड़ हटाया तो दूसरा क्यों रह गया?

मंगलवार को रेफरल अस्पताल के मुख्य गेट पर गिरे पेड़ को हटाने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. टीम ने पेड़ को काटकर रास्ता साफ कर दिया. लेकिन अस्पताल गेट से कुछ ही मीटर की दूरी पर बिजली तार पर लटका दूसरा विशालकाय पेड़ नहीं हटाया गया.

स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद थी, तो उसी दौरान दूसरे पेड़ को क्यों नहीं हटाया गया. लोगों का कहना है कि दोनों पेड़ एक ही आंधी-बारिश के दौरान गिरे थे, फिर दूसरे पेड़ को अब तक क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है.

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

आंधी-तूफान के बाद बिजली के तार पर पेड़ गिरने के बावजूद करीब 48 घंटे तक विद्युत विभाग द्वारा इस पर कार्रवाई नहीं किये जाने से भी लोगों में नाराजगी है. लोगों को आशंका है कि पेड़ हटाने के दौरान यदि तार क्षतिग्रस्त हुआ या अचानक टूट गया, तो आसपास मौजूद लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है.

लोगों ने तत्काल लाइन जांच और पेड़ हटाने की मांग की

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से तत्काल विद्युत आपूर्ति की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है. जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए लाइन बंद कर पेड़ को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की गयी है. लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है.

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By संजय जायसवाल

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