Kaimur IIT-JEE and NEET Preparationरेपो : कैमूर जिले के छात्रों के लिए बड़ी राहत और सुनहरा मौका सामने आया है. अब इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए उन्हें कोटा, पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. बिहार सरकार की नई पहल के तहत भभुआ सहित जिले के चार सरकारी विद्यालयों में जल्द ही IIT-JEE और NEET की निशुल्क कोचिंग शुरू होने जा रही है. इस योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो चुकी है और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की टीम ने चयनित स्कूलों का निरीक्षण भी कर लिया है.
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलने वाला है, जो अब तक महंगी कोचिंग के कारण पीछे रह जाते थे.
चार स्कूलों का चयन, टीम ने किया निरीक्षण
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की टीम ने हाल ही में कैमूर जिले के चार विद्यालयों का दौरा किया. इनमें राज संपोषित बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भभुआ, श्रीमती उदासी देवी उच्च माध्यमिक विद्यालय अखलासपुर, उच्च माध्यमिक विद्यालय भेकास और पंडित देवनाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं.
निरीक्षण के दौरान टीम ने हर स्कूल में कोचिंग संचालन के लिए एक-एक कमरे को चिन्हित किया. साथ ही स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि सभी जरूरी संसाधन समय रहते उपलब्ध करा दिए जाएं.
आधुनिक सुविधा वाले क्लासरूम तैयार करने के निर्देश
टीम ने स्पष्ट किया कि जिन कक्षाओं का चयन किया गया है, उन्हें पूरी तरह तैयार किया जाए. इसमें बेंच-डेस्क, ब्लैकबोर्ड, बिजली, पंखा और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है.
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही सरकार से अंतिम आदेश मिलेगा, इन केंद्रों पर पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी. छात्रों को यहां प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप पढ़ाई, स्टडी मटेरियल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा.
गरीब और ग्रामीण छात्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
अब तक कैमूर के अधिकतर छात्र IIT-JEE और NEET की तैयारी के लिए बाहर के शहरों पर निर्भर थे. कोटा या अन्य शहरों में रहकर पढ़ाई करना हर किसी के बस की बात नहीं थी. ऐसे में कई प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक तंगी के कारण पीछे रह जाते थे.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रों को अपने ही जिले में निशुल्क कोचिंग मिलेगी. इससे न केवल खर्च कम होगा, बल्कि उन्हें घर के पास ही बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा.
डीपीओ को बनाया गया नोडल अधिकारी
इस योजना को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) विष्णुकांत राय ने बताया कि उन्हें इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है. चारों विद्यालयों में कोचिंग के लिए कक्षाओं का चयन कर लिया गया है और प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी गई है.
उन्होंने कहा कि अभी राज्य सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से अंतिम दिशा-निर्देश का इंतजार है. आदेश मिलते ही नामांकन प्रक्रिया, समय-सारिणी और शिक्षकों की तैनाती पूरी कर कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी.
आगे क्या बदलेगा
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से कैमूर जिले के छात्रों को बड़ा फायदा मिलेगा. अब उन्हें महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर बेहतर तैयारी मिलने से ज्यादा छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफल हो सकेंगे.
