Kaimur News : दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली गेहुवनवा, कुहीरा और दुर्गावती नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से बुधवार की सुबह कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गये. सुअरन और दुर्गावती नदी का जलस्तर बढ़ने के दबाव से कुहीरा और गेहुवनवा नदी भी उफान पर आ गयी. देखते ही देखते सरियाव, कुशहरिया, मछनहटा, गोरार, खामिदौरा, धनीपुर माधोपुर, ईसड़ी डहला, चोगड़ा और मनोहरपुर समेत कई गांवों के बधारों में पानी फैल गया. इससे खेतों में लगी धान की फसलें डूब गयीं. वहीं, कई विद्यालय परिसरों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई.
तीन स्कूल परिसरों में घुसा पानी, छात्र लौटे
बाढ़ का पानी कई विद्यालयों के परिसर में भी प्रवेश कर गया. उत्क्रमित 2 उच्च माध्यमिक विद्यालय गोरार, प्राथमिक विद्यालय मछनहटा और उत्क्रमित कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्गावती के परिसर में पानी भर गया. पानी जमा होने के कारण विद्यालय पहुंचे कई छात्र-छात्राओं को वापस लौटना पड़ा. इससे विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित रहा.
समाचार लिखे जाने तक आसमान में बादल छाये हुए थे और नदियों का जलस्तर बढ़ रहा था. ऐसे में ग्रामीणों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गयी है. लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
सैकड़ों हेक्टेयर धान की फसल पानी में डूबी
नदियों के बढ़ते जलस्तर से करीब एक माह पूर्व लगायी गयी धान की फसलें जलमग्न हो गयी हैं. इसके अलावा सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी धान की फसल के साथ अरहर, मूंग और उड़द की फसल भी पानी में डूब गयी है. किसानों के सामने फसल बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है.
हालांकि, कृषि जानकारों के अनुसार यदि अगले 24 से 48 घंटे में पानी उतर जाता है तो शुरुआती अवस्था वाली धान की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है. लेकिन बुधवार को खबर लिखे जाने तक जलस्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है.
सरियाव तीन तरफ से घिरा, सेमरा टोला में भी पहुंचा पानी
बाढ़ के पानी ने सरियाव गांव को तीन तरफ से घेरना शुरू कर दिया है. वहीं, चेहरिया के निकट स्थित सेमरा टोला भी पानी से घिरता नजर आया. स्थानीय लोगों के अनुसार यूपी और बिहार को विभाजित करने वाली कर्मनाशा नदी भी उफान पर है. इससे नदी से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गयी है.
मंगलवार की रात रुक-रुककर बारिश हुई थी, जो बुधवार को थमती नजर आयी. बारिश रुकने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण खतरा बना हुआ है.
बधारों में पानी भरने से निकलने लगे जहरीले सांप
बधारों में पानी भरने के बाद कोबरा, करैत और धामन समेत कई प्रजातियों के सांप ऊंचे स्थानों की ओर भागते नजर आये. गोरार विद्यालय के समीप भी पानी में कोबरा दिखाई दिया. ग्रामीणों का कहना है कि बधारों और नदियों के किनारे स्थित ऊंचे टीले पानी में डूब गये हैं. इन जगहों पर रहने वाले जहरीले सांप और अन्य जीव अब सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर पहुंच रहे हैं.
ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. लोगों से ऊंचे स्थानों, सड़क किनारे उगी घास-फूस और पानी से घिरे इलाकों में जाने से बचने की अपील की गयी है.
प्रशासन से राहत और बचाव की मांग
लगातार बढ़ते जलस्तर और खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. लोगों ने प्रशासन से नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने, प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने तथा जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
