रामगढ़ (कैमूर) से रंजय जायसवाल की रिपोर्ट
Kaimur Electricity Pole On Road : विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आदर्श बालिका प्लस टू विद्यालय जाने वाली मुख्य सड़क पर पिछले सात दिनों से गिरा जर्जर बिजली पोल अब तक नहीं हटाया जा सका है. सड़क पर पड़े पोल और पेड़ के सहारे संचालित बिजली आपूर्ति के कारण विद्यालय की छात्राओं तथा राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है.
विभाग ने ही तारों को हरे पेड़ से बांध दी
जानकारी के अनुसार एनएच-319ए से कन्या मध्य विद्यालय, आदर्श बालिका प्लस टू विद्यालय होते हुए वार्ड संख्या सात और देवहलिया मुख्य सड़क को जोड़ने वाली पीसीसी सड़क पर विद्यालय के समीप स्थित एक सीमेंटेड विद्युत पोल करीब एक सप्ताह पूर्व धराशायी हो गया था. पोल गिरने के बाद वार्ड संख्या सात की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी. ग्रामीणों की सूचना पर विभाग ने अस्थायी व्यवस्था के तहत विद्युत तारों को विद्यालय परिसर में खड़े एक हरे पेड़ की मोटी टहनियों से बांधकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी.
राहगीरों पर मंडरा रहा खतरा
हालांकि, सात दिन बीत जाने के बाद भी न तो नया पोल लगाया गया है और न ही सड़क पर पड़े पुराने पोल को हटाया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ पर बंधे तारों के क्षतिग्रस्त होने अथवा बारिश के दौरान करंट फैलने की आशंका बनी हुई है. ऐसे में विद्यालय आने-जाने वाली छात्राओं एवं राहगीरों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर पड़ा पोल रात के समय दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए भी दुर्घटना का कारण बन रहा है. बावजूद इसके विभाग द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
पोल लगाने के लिए ठेकेदार को दिया गया निर्देश
इस संबंध में पूछे जाने पर विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) ने बताया कि नए पोल लगाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिया गया था, लेकिन सड़क की मोटी एवं दोहरी ढलाई का हवाला देते हुए उसने कार्य करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि एक स्थानीय मकान मालिक से बातचीत की गई है, जहां एंगल लगाकर विद्युत तार को शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है. साथ ही पेड़ पर बंधे तारों और सड़क पर पड़े पोल को हटाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.
लोगों ने कहा-कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
वार्ड संख्या सात के समाजसेवी एवं शिक्षक कमलेश शर्मा, संदीप सेठ, हीरा जायसवाल, नारायण साह तथा लक्ष्मीकांत मूर्ति ने विभागीय उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना चिंताजनक है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.
