kaimur News : कैमूर जिले के नगर पंचायत मुख्यालय कुदरा में सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है. जिस कुदरा बाजार की सड़कों पर कभी दो वाहन आसानी से एक साथ गुजरते थे, वहां अब एक वाहन को निकालना भी चुनौती बन गया है. ठेला और फुटपाथी दुकानों के साथ-साथ कई बड़े दुकानदारों ने भी सड़क की जमीन पर कब्जा जमा लिया है.
पूर्वी से पश्चिमी छोर तक सड़कें बनीं संकरी
कुदरा शहर के पूर्वी छोर से पश्चिमी छोर तक बाजार की सड़क अतिक्रमण के कारण संकरी हो गई है. महावीर स्थान से एनएच-19 तक, कुदरा आरओबी से प्रखंड मुख्यालय परिसर तक और लालापुर से कुदरा की सर्विस रोड समेत विभिन्न गलियों और सड़कों पर अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है. इससे छोटे वाहनों के आवागमन में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
आवेदन के बाद कार्रवाई, फिर लौट आया अतिक्रमण
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए विभाग को कई बार आवेदन दिया जा चुका है. लोगों की शिकायत पर नगर प्रशासन की ओर से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई थी. लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अतिक्रमणकारी फिर अपने पुराने स्थानों पर कब्जा जमा लेते हैं.
नगर पंचायत बनने के बाद जगी थी उम्मीद
कुदरा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी थी कि शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी. लेकिन लोगों का आरोप है कि समस्या को लेकर अधिकारियों की ओर से प्रभावी और स्थायी कदम नहीं उठाया जा रहा है.
कार्रवाई के बावजूद नहीं सुधरे हालात
लगातार अतिक्रमण से परेशान स्थानीय लोगों का व्यवस्था से विश्वास कम होता जा रहा है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी कार्रवाई नहीं की गई तो बाजार की सड़कें और संकरी होती जाएंगी और आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ती जाएगी. अब शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने का सपना भी धुंधला पड़ता नजर आ रहा है.
